इंसेफेलाइटिस से मौतों में ‘ चमत्कारिक ’ कमी का सच क्या है ?

उत्तर प्रदेश और बीआरडी मेडिकल कालेज में इंसेफेलाइटिस (एईएस /जेई) से मौतों में ‘ भारी ’, ‘ चमत्कारिक ’ कमी का का दावा विवादों के घेरे में आ गया है. बीआरडी मेडिकल कालेज आंकड़ों को तोड़ मरोड़ कर पेश कर रहा है तो राष्ट्रीय स्तर पर इंसेफेलाइटिस के आंकड़े जारी करने वाले नेशनल वेक्टर बार्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (एनवीबीडीसीपी) ने एक महीने में अपने ही आंकड़े में फेरबदल कर दिया और जुलाई महीने के बरक्स अगस्त महीने में इंसेफेलाइटिस से मौतों में कमी बता दी. एनवीडीसीपी ने जुलाई माह तक यूपी में एईएस से 118 और जेई से 6 मौतें दर्शायीं थी लेकिर अब अगस्त महीने तक के जारी आंकड़ों में एईएस से मौतों की संख्या घटाकर 110 और जेई से मौतों की संख्या 3 बतायी गई है जबकि अन्य राज्यों में मौतों के आंकड़े बढ़े हैं. इससे यह संदेह और पक्का हो रहा है कि आंकड़ों में फेरबदल कर इंसेफेलाइटिस से मौतों की कमी का दावा किया जा रहा है जबकि वास्तविक स्थिति कुछ और है.

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