अवध का किसान विद्रोह : किसानों और मेहनतकशों की स्थिति को समझने के लिए एक जरूरी किताब

डॉ चन्द्र भूषण अंकुर भारत एक कृषि प्रधान देश है, यह बात विद्यार्थियों को 20वीं शताब्दी तक प्राथमिक कक्षाओं में रटा दी जाती थी किन्तु किसानों के इस देश में, कभी भी किसान नेतृत्कारी भूमिका में नहीं रहा। आजादी की लड़ाई के दौरान, किसानों ने कई बार ब्रिटिश सत्ता को चुनौती दी, अपने हितों का बलिदान कर आजादी के संघर्ष को तेज किया, बावजूद इसके प्रायः कांग्रेस पार्टी, जो भारतीय स्वाधीनता आन्दोलन की नेतृत्वकारी पार्टी थी, ने भी उनके संघर्षों को उतना ही महत्व दिया, जितना पार्टी के लिए जरूरी…

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