कविता शब्दों की इंजीनियरिंग है: प्रो. तरुण कुमार

गोरख पांडेय स्मृति आयोजन के दूसरे दिन प्रो. संतोष कुमार के कविता संग्रह ‘ढिबरी’ का लोकार्पण और बातचीत पटना, 29 जनवरी. हिरावल द्वारा आयोजित दो दिवसीय गोरख पांडेय स्मृति आयोजन के दूूसरे दिन 29 जनवरी को प्रो. संतोष कुमार के कविता संग्रह ‘ढिबरी’ का लोकार्पण और बातचीत हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत संतोष झा, राजन, प्रीति प्रभा और प्रमोद यादव ने गोरख के दो गीतों ‘माया महाठगिनी हम जानीं’ और ‘बीतता अंधरिया के जमनवा’ गाकर की। उसके बाद गोरख पांडेय की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। संचालन हिरावल के सचिव…

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गोरख के गीतों के साथ देश-दुनिया और समाज को बेहतर बनाया जा सकता है: अरुण कमल

क्रांतिकारी जनकवि गोरख पांडेय की स्मृति में हिरावल ने किया आयोजन गोरख के हिंदी-भोजपुरी के जनगीतों और गजलों का गायन हुआ पटना: 28 जनवरी. ‘ गोरख के गीतों के साथ हम देश-दुनिया और समाज को बेहतर बना सकते हैं। वे कबीर और नागार्जुन की परंपरा के एक बड़े कवि हैं। उन्होंने लोकगीतों का संस्कार लेकर भोजपुरी और ख्रड़ी बोली में गीत लिखे। उनकी कविताएं मजदूर-किसानों, उत्पीड़ित-वंचित और शोषित-अपमानित जनता के हक में लिखी गई हैं। वे आंदोलनों के पोस्टरों पर नजर आती हैं, वे नारों का रूप ले चुकी हैं।…

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