अमन की शहादत

हम मीडिया के लोग आराम कुर्सियों पर बैठकर भी संघर्षविराम के पक्ष में नहीं खड़े हो पाते हैं, लेकिन जिस शख्स ने अपने कश्मीर को जलते देखा था, जिसने युवाओं को गुस्से में पत्थर मारते देखा था, जिसने अलगाववादियों और आतंकियों की गोली से कश्मीरियों को मरते देखा था और आतंकियों और सेना के संघर्ष में आम नागरिको को मरते देखा था, वह शख्स संघर्ष विराम के पक्ष में पुरजोर तरीके से खड़ा था.

Read More

अमन और मोहब्बत के इस पैगाम को मैं दूर तक पहुँचाना चाहता हूँ : इमाम इमदादुल रशीदी

(आसनसोल में रामनवमी जुलूस में शामिल लोगों के हमले में मारे गए हफीज सबितुल्ला के पिता नुरानी मस्जिद के इमाम मौलाना इमदादुल रशीदी ने एआईपीएफ और पीयूसीएल की टीम से बातचीत में एक बार फिर लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है. एआईपीएफ और पीयूसीएल  की टीम से उन्होंने जो कहा, वह यहाँ प्रस्तुत है ) वक्त बहुत बड़ा मरहम होता है, उस वक्त ने इस जख्म को भर दिया. दस रोज का अरसा गुजर रहा है, दस दिन में हमारा जख्म ऊपर से भर गया है. अंदर…

Read More