मामूली दृश्यों से जीवन का विचलित करने वाला वृत्तान्त तैयार करतीं शुभा की कविताएँ

मंगलेश डबराल   शुभा शायद हिंदी की पहली कवि हैं, जो अभी तक कोई भी संग्रह न छपवाने के बावजूद काफ़ी पहले विलक्षण  कवि के रूप में प्रतिष्ठित हो गयी थीं. कई लोग उन्हें सबसे प्रमुख और अलग तरह की समकालीन कवयित्री मानते हैं, और इंतज़ार करते हैं कि कभी उनका संग्रह हाथ में ले सकेंगे. स्वाभाविक रूप से शुभा नारीवादी हैं, लेकिन यह नारीवाद बहुत अलग तरह का, वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध और वामपंथी है. लेकिन उसके अंतःकरण की तामीर एक ऐसे ‘अतिमानवीय दुःख’ से हुई है, जिसे न…

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आर-पार की लड़ाई के आह्वान के साथ बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ का तीसरा राज्य सम्मेलन सम्पन्न

पटना, 3 नवंबर 2018 आशा को सरकारी सेवक का दर्जा दो, 18000 मानदेय लागू करो के नारे पर महासंघ गोप गुट व ऐक्टू से संबद्ध बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ का आहूत तीसरा राज्य सम्मेलन आशा सहित सभी स्कीम वर्करों को आधुनिक गुलाम बनाने वाली मोदी- नीतीश सरकार को आगामी चुनाव में धूल चटाने , 1 दिसंबर से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल से मोदी- नीतीश के खिलाफ आर-पार की लड़ाई शुरू करने तथा 8 -9 जनवरी 19 को देशव्यापी दो दिवसीय आम हड़ताल को सफल बनाने के आह्वान के साथ आज…

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भोजपुर में 35 घंटे तक सड़क व बालू घाट जाम के बाद प्रशासन ने बालू मजदूरों की मांग मानी

  बिहार के भोजपुर में बालू घाट पर सभी बालू मजदूरों को काम देने, बालू घाट से जेसीबी मशीन हटाने, सभी अवैध बालू घाट बंद करने, बालू घाट पर मजदूरों को सुरक्षा का प्रबंध करने, दुर्घटना होने पर कानून के तहत मुआवजा देने सहित कई मांगों को ले कर चल रहे अनिश्चितकालीन सड़क व बालू घाट जाम 35 घंटे बाद प्रशासन द्वारा सभी प्रमुख मांगों को मने जाने के बाद समाप्त हो गया. प्रशासन ने सूर्योदय से सूर्यास्त तक मजदूरों से ही बालू उठाने, मजदूरी 80 रुपया से बढ़ा कर…

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रोजगार के सवाल पर लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस का बर्बर लाठी चार्ज

लखनऊ, 2 नवम्बर. प्रदेशभर के सैकड़ों छात्र विधानसभा भवन के सामने 1:00 बजे से इकट्ठा होने लगे थे। इकट्ठा होने के बाद छात्रों ने बैनर पोस्टर के साथ नारेबाजी शुरू कर दी जिसके बाद पुलिस प्रशासन गुस्से में आ गया और छात्र-छात्राओं पर बर्बर लाठीचार्ज किया। 68500 अध्यापकों की भर्ती में कट ऑफ मार्क को 30 प्रतिशत और 33 प्रतिशत करने, भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों को दण्डित करने, पूरी परीक्षा की सीबीआई जांच कराने के हाईकोर्ट के आदेश को लागू करने, प्रदेश में रिक्त पड़े सभी पदों को भरने, सभी…

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कामरेड शाह चाँद की याद

जाने कितनी यादे हैं कामरेड शाह चाँद की। आईपीएफ और फिर इंकलाबी मुस्लिम कान्फ्रेंस में साथ काम करने की। कामरेड तकी रहीम से नोक-झोंक फिर हंसी-मज़ाक की। उस पहले दिन की भी जब भदासी कांड हुआ। जनसंस्कृति मंच का विद्यापति भवन में सम्मेलन चल रहा था और अल-सुबह भदासी में घट रही घटना की खबर आई। उसी दिन वहाँ के ग्राम-प्रधान के रूप में उनका नाम पहली बार सुना। ग्राम-प्रधान के रूप में उन्हें आदर्श ग्राम प्रधान का खिताब सरकार ने दिया था। लेकिन सरकार को नहीं मालूम था कि…

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ज्ञान और विचार का केंद्र शिब्ली अकादमी

दुर्गा सिंह शिब्ली मंजिल या शिब्ली अकादमी या दारुलमुसन्निफ़ीन (हॉउस ऑफ़ राइटर या लेखकों का अपना घर) आज़मगढ़ में स्थित ऐसी जगह है, जिससे कोई भी स्कॉलर अचंभित हुए बिना नहीं रहेगा. इसकी परिकल्पना अल्लामा शिब्ली नोमानी ने की थी. इसके लिए उन्होंने अपना बंगला और एक आम का बाग़ दिया. अपने परिवारीजनों से ज़मीन मांगी. भोपाल और हैदराबाद रियासत से मदद मांगी. बेगम भोपाल ने पैसों से मदद की. इसके अलावा उन्होंने अपने शागिर्दों को इसमें इन्वाल्व किया. जो लोग ऐसी हैसियत में थे उनसे ताल्लुक रखने वाले सबको…

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नेताजी बोस, नेहरू और उपनिवेश विरोधी संघर्ष

यदि आधुनिक भारत एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक राष्ट्र है तो उसमें देश में चले उपनिवेश विरोधी संघर्ष का प्रमुख योगदान है। विभिन्न राजनैतिक विचारधाराओं वाले लोग इस संघर्ष में शामिल हुए और सभी ने अपने-अपने तरीके से भारत को अंग्रेजों से मुक्त कराने के इस अभियान में योगदान दिया। लेकिन कुछ ऐसे लोग, जो धर्म को ही राष्ट्र का आधार मानते थे, इसमें शामिल नहीं हुए और आज वे चुनाव जीतने के लिए या तो इसमें भाग लेने के झूठे दावे करते हैं या स्वतंत्रता आंदोलन के नेताओं, विशेषकर नेहरू,…

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बालू मजदूरों ने काम के लिए किया अनिश्चितकालीन सड़क व बालू घाट जाम

बिहार. भोजपुर के सहार व अगिआंव प्रखंड के विभिन्न गांवों के सैकड़ो बालू मजदूर अपने हाथों में लाल झंडा व कुदाल, बेलचा लेकर नारे लगाते हुए बारुहिं बाजार की ओर चले आ रहे थे । देखते हीं देखते बाजार लाल झंडों से पट गया और हजार की संख्या में बालू मजदूरों, महिला, नौजवानों ने भाकपा – माले व खेग्रामस के नेतृत्व में सकड़ी – नासरीगंज मुख्य सड़क व बालू घाट को अनिश्चितकाल के लिए जाम कर दिया । बालू मजदूर जो मुख्य नारे लगा रहे थे -सभी बालू मजदूरों को…

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विश्वविद्यालयों में काँचा इलैया की किताबों से कौन डरता है ?

लक्ष्मण यादव विश्वविद्यालय एक लोकतान्त्रिक मुल्क में अपने समय-समाज के अंतर्विरोधों से संवाद करते हुए तार्किक-वैज्ञानिक विवेक सम्पन्न बोध से लैस नागरिक तैयार करते हैं। जिन मुल्कों में सामाजिक-सांस्कृतिक विषमता जितनी ज्यादा होगी, उन मुल्कों में ज्ञान के ऐसे प्रतिष्ठानों की ज़िम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। आज़ाद भारत जैसे अंतर्विरोधों के मुल्क में विश्वविद्यालयों को ये बड़ी ज़िम्मेदारी निभानी थी, लेकिन वे उतने खरे न उतरे। तमाम विरोधी विचारों, मान्यताओं व सांस्कृतिक बोध को विश्वविद्यालयों में सबसे पहले जगह देनी थी, उनमें भी वंचित-शोषित दलित-पिछड़े-आदिवासी-अल्पसंख्यक-महिला तबके के लिए यह…

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मोहम्मद अज़ीम की हत्या : अल्पसंख्यक समुदाय की शिकायतों को दिल्ली पुलिस ने नजरअंदाज किया

सीपीआई-एमएल, सीपीआई-एम और आइसा प्रतिनिधिमंडल ने दक्षिणी रेंज के संयुक्त आयुक्तसे मुलाकात की, ज्ञापन दिया नई दिल्ली. सीपीआई-एमएल, सीपीआई-एम और आइसा के प्रतिनिधिमंडल ने दक्षिणी रेंज के संयुक्त आयुक्त  देवेश चंद्र श्रीवास्तव से मालवीय नगर में हुई मोहम्मद अज़ीम की हत्या के संदर्भ में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मालवीयनगर में स्थित जामिया फरीदिया मदरसा के छात्रों से भी मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मोहम्मद अज़ीम की हत्या के बाद यहां मदरसा के निवासियों का स्थानीय लोगों द्वारा हुए उत्पीड़न और धमकी सम्बन्धी शिकायतों पर दिल्ली पुलिस की निष्क्रियता ऐसे…

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स्टैच्यू ऑफ यूनिटी नहीं, यह स्टैच्यू ऑफ डिस्प्लेसमेंट है

शशांक मुकुट शेखर सरकार हजारों आदिवासियों की मृत्यु का जश्न मनाने की तैयारियों में तल्लीन है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का अनावरण करने वाले हैं. प्रतिमा के भव्य अनावरण के लिए जोरशोर से तैयारियां चल रही है. हेलिकॉप्टर से फूलों की बारिश की जानी है. और भी तमाम तरह के तामझाम होने वाले हैं. देशभर से कलाकारों को बुलाया जा रहा है. सरकार अनावरण समारोह को एक जश्न की तरह मनाने के सारे जुगत करने में लगी है. मगर इसी दिन…

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फर्जी डिग्री केस में डूसू अध्यक्ष का नामांकन रद्द करने की मांग को लेकर वीसी और डीएसडब्ल्यू का घेराव

नई दिल्ली.  आइसा के नेतृत्व में दिल्ली विश्विद्यालय के सैकड़ों छात्रों ने आज फर्जी डिग्री के आधार पर डूसू अध्यक्ष अंकिव बसोया के हुए नामांकन को रद्द करने और उसके ऊपर अपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर डीयू वीसी और डीएसडब्ल्यू का घंटों घेराव किया। नामांकन और चुनाव स्क्रूटनी के जाँच प्रक्रिया को धता बताते हुए और अपने राजनीतिक पहुंच के धौंस पर अंकिब बसोया ने तिरुवल्लुर यूनिवर्सिटी से बीए की फ़र्ज़ी डिग्री (जिसको तिरुवल्लुर यूनिवर्सिटी समाचार पत्रों में घोषणा भी कर चुकी है) के आधार पर डीयू…

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‘ मोदी सरकार ने हर मोर्चे पर किसानों और देश की जनता से धोखा किया है ’

  सोनीपत (हरियाणा).  अखिल भारतीय किसान महासभा की राष्ट्रीय परिषद की दो दिवसीय बैठक आज हरियाणा के सोनीपत स्थित सर छोटूराम धर्मशाला में शुरू हुई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड रुलदू सिंह ने की। बैठक की शुरुआत करते हुए किसान महासभा के राष्ट्रीय महासचिव कामरेड राजाराम सिंह ने कहा कि मोदी राज में रफाल महा घोटाला और सीबीआई तख्ता पलट की घटनाओं ने साबित कर दिया है कि यह सरकार कानून और संविधान के प्रावधानों का खुला उल्लंघन कर रही है। इस सरकार के रहते देश का…

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समानता का नया यूटोपिया रचती है ‘ देह ही देश ‘ – अनामिका

हिन्दू कालेज में प्रोफ़ेसर गरिमा श्रीवास्तव की किताब ‘ देह ही देश ‘ पर परिसंवाद  डॉ रचना सिंह   दिल्ली। ”देह ही देश” केवल यूरोप की स्त्री का संसार नहीं है बल्कि दर्द और संघर्ष का यह आख्यान अपनी सार्वभौमिकता के कारण बहुपठनीय बन गया है। सुप्रसिद्ध कवि-कथाकार अनामिका हिन्दू कालेज में ‘देह ही देश’ पर आयोजित एक परिसंवाद में कहा कि युवा विद्यार्थियों के बीच इस किताब पर गंभीर चर्चा होना यह विश्वास जगाता है कि स्त्री पुरुष समानता का यूटोपिया अभी बचा हुआ है और गरिमा श्रीवास्तव जैसे लेखक…

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रमाकांत द्विवेदी ‘रमता’ : क्रांति की रागिनी का गायक

101 वीं जयंती 30 अक्टूबर 2018 एक आलेख   ‘क्रांति के रागिनी हम त गइबे करब/ केहू का ना सोहाला त हम का करीं’, ‘हमनी देशवा के नया रचवइया हईं जा/ हमनी साथी हई, आपस में भइया हईं जा’, ‘राजनीति सब के बूझे के, बूझावे के परी/ देश फंसल बाटे जाल में, छोड़ावे के परी’, ‘अइसन गांव बना दे जहंवा अत्याचार ना रहे/ जहां सपनों में जालिम जमींदार ना रहे’, ‘जीने के लिए कोई बागी बने, धनवान इजाजत ना देगा/ कोई धर्म इजाजत ना देगा, भगवान इजाजत ना देगा’, ‘जगत…

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डीटीसी कर्मचारियों की ऐतिहासिक हड़ताल, वापस लेना पड़ा वेतन कटौती का सर्कुलर

एस्मा के बावजूद हज़ारों कर्मचारी हड़ताल पर रहे नई दिल्ली. ऐक्टू (AICCTU) से सम्बद्ध डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर द्वारा बुलाए गए व डीटीसी वर्कर्स यूनियन (एटक) एवं डीटीसी एम्प्लाइज कांग्रेस (इंटक) द्वारा समर्थित एक दिवसीय हड़ताल ने आज दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के पहियों को बुरी तरीके से जाम कर दिया. दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के 11 हज़ार से ज्यादा अनुबंधित कर्मचारियों और कई स्थाई कर्मचारियों ने हड़ताल में हिस्सा लिया. हड़ताल की मुख्य मांगों में से एक मांग को हड़ताल के ठीक एक दिन पहले डीटीसी प्रबंधन द्वारा मान…

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कोरस के सालाना कार्यक्रम ‘अजदिया भावेले’ में रजिया सज्जाद ज़हीर की कहानियों का पाठ एवं मंचन

28 अक्टूबर, पटना आज कोरस के सालाना कार्यक्रम ‘अजदिया भावेले’ की शृंखला में इस बार साहित्यकार, नाट्यकर्मी व एक्टिविस्ट रज़िया सज़्ज़ाद ज़हीर के जन्म-शती वर्ष पर उनकी कहानियों का पाठ एवं मंचन का आयोजन किया गया। भारतीय उपमहाद्वीप में प्रगतिशील धारा के साहित्य पर कोई भी बातचीत रज़िया सज्जाद ज़हीर के बिना मुक़म्मल नहीं होगी।उनकी कहानियां अविभाजित भारत के साम्राज्यवाद-विरोधी व साम्प्रदायिकता-विरोधी मूल्यों को बढ़ानेवाली व आम जन के मार्मिक व संवेदनशील संदर्भ की हैं ।उनकी कहानियों में देश के विभाजन का दर्द मुखर होकर सामने आता है। कार्यक्रम की…

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दलित-बहुजन बौद्धिकता के विमर्श का दमन है प्रो. कांचा इलैया की पुस्तकों को पाठ्यक्रम से हटाना

नई दिल्ली. जन संस्कृति मंच ने दिल्ली विश्वविद्यालय की स्टैंडिंग कमिटी द्वारा प्रो. कांचा इलैया की पुस्तकों को एम.ए राजनीति विज्ञान के पाठ्यक्रम से हटाए जाने की निंदा करते हुए इसे भारत में उभर रही दलित-बहुजन बौद्धिकता के विमर्श का दमन बताया है. जसम की ओर से रामनरेश राम द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि पिछले दिनों दिल्ली विश्वविद्यालय कि स्टैंडिंग कमिटी ने अपनी मीटिंग में यह प्रस्ताव पास किया है कि कांचा इलैया की तीन किताबें ‘मैं हिन्दू क्यों नहीं हूँ ’, ‘ पोस्ट हिन्दू इंडिया’ ,…

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प्रेम के बहाने एक अलग तरह का सामाजिक विमर्श रचती पल्लवी त्रिवेदी की कविताएँ

निरंजन श्रोत्रिय   युवा कवयित्री पल्लवी त्रिवेदी की कविताओं को महज़ ‘प्रेम कविताएँ’ या रागात्मकता की कविताएँ कहने में मुझे ऐतराज़ है। पल्लवी की विलक्षण काव्य-प्रतिभा प्रेम के बहाने एक अलग तरह का सामाजिक विमर्श रचती हैं जिसमें स्त्री-विमर्श, पुरूष का अहं, रिश्तों की संरचना और मनोभावों के उदात्त स्वरूप सभी कुछ सम्मिलित हैं। प्रेम को परिभाषित करना वैसे भी दुष्कर है। उसे अनिर्वचनीय कहा गया है। वह ‘मूकास्वादनवत्’ एवं ‘सूक्ष्मतरमनुभव स्वरूपम्’ है। प्रेम की प्रक्रिया का विकास स्थूल से सूक्ष्म और व्यष्टि से समष्टि की ओर होता है। युवा…

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एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश का परिणाम है मोहम्मद अज़ीम की हत्या

दिल्ली के मालवीय नगर में मोहम्मद अज़ीम की हत्या पर सीपीआईएमएल, सीपीएम, आइसा, एडवा की तथ्यान्वेषी रपट नई दिल्ली. 25 अक्टूबर को मालवीय नगर के 8 साल के एक बच्चे मोहम्मद अज़ीम  की हत्या बच्चों के ही एक समूह ने पीट-पीटकर कर दी. मोहम्मद अज़ीम मालवीय नगर इलाके के लिए जामिया फरीदया मदरसा में पढ़ाई कर रहा था. बेहद गरीब पृष्ठभूमि के उन 70 बच्चों में से वह एक था जो उस मदरसे में पढ़ते थे. मोहम्मद अज़ीम की हत्या की खबर सत्तारूढ़ भाजपा और आरएसएस द्वारा चलाई जा रही मुस्लिम -विरोधी…

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