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उन्नाव पीड़िता के लिए वाराणसी में एक दर्जन से अधिक संगठनों ने न्याय मार्च निकाला

वाराणसी. उत्तरप्रदेश में बढ़ती बलात्कार की घटनाओं को और अपराधी बलात्कारियों को संरक्षण देने वाली योगी सरकार के इस्तीफा की मांग के साथ आज बनारस में कई संगठनों ने उन्नाव पीड़िता के लिए न्याय मार्च निकाला. यह मार्च  बीएचयू गेट, लंका से शुरू हुआ और शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा. मार्च की समाप्ति पर सभा हुई.

जलूस में शामिल महिलाएं और लोग हाथों में प्ले कार्ड लिए हुए थे जिस पर ‘ महिलाओं को सुरक्षा दे न सकी वह सरकार निक्कमी हैं ‘, ‘ जिंदा रहेगी बेटी तभी तो पढेंगी बेटी ‘, ‘ उन्नाव पीड़िता तुम जीयोगी, उठोगी, लड़ोगी यह देश तुम्हारे साथ है ‘ लिखे हुए थे.

सभा में वक्ताओं ने कहा कि उन्नाव की बेटी ने अपने साथ हो रहे अत्याचार के ख़िलाफ़ आवाज उठाने की हिम्मत दिखाई तो ऐसे में योगी सरकार जो चुस्त दुरुस्त कानून व्यवस्था की बात करती है पीड़िता को आज तक न्याय नही दिला सकी उल्टे महिला के सगे सम्बन्धियों की हत्या करवाने और पीड़िता पर हमले करवा रहे विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का संरक्षण कर रही हैं. इतना ही नहीं यूपी में बलात्कार की घटनाओँ के सरकारी आंकड़े भी शर्मिंदा करने वाले हैं. महिला सुक्षा के नाम पर यह सरकार फेल हो चुकी है. इसलिए हम मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हैं. उन्हें जिम्मेदार पद पर रहने का अधिकार नही है.

वक्ताओं ने कहा कि देश की जनता इस बुरे वक्त में उन्नाव पीड़िता के साथ खड़ी हुई है. सर्वप्रथम पीडिता को उच्चस्तरीय मेडिकल सुविधा देने की हम मांग करते हैं ताकि वह अतिशीघ्र स्वस्थ्य हो सके।
सभा में मौजूद वक्ताओं ने हत्या और बलात्कार के आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की।

सामाजिक संगठनों की इस लड़ाई को बीएचयू के प्रो एम. पी. अहिरवार और प्रो बिंदा परंजपये और प्रो असीम मुखर्जी ( बीएचयू आईआईटी) ने अपनी मौजूदगी और उदबोधन से अपना पूर्ण समर्थन दिया। साथ ही भारतीय जीवन बीमा निगम की यूनियन वीडीआईईए ने महिलाओं की न्याय की लड़ाई में एकजुटता जाहिर की।

सभा में भगतसिंह अम्बेडकर विचार मंच से ट्रेड यूनियन नेता एसपीराय, लोकमंच से संजीव सिंह , भगतसिंह छात्र मोर्चा से नीतीश, एससी/एसटी स्टूडेंट ऑर्गनिसिंग कमेटी से सूर्यमणी, एसएफसी से आई आईं टी बीएचयू की छात्रा वंदना, परिवर्तमकामी विद्यार्थी मोर्चा से शोध छात्र प्रवीण, राष्ट्रीय घरेलू कामगार संगठन से फादर प्रेम कुजूर, नारी एकता से डॉ मुनीज़ा रफीक ख़ान, आल इंडिया सेक्युलर फोरम से डॉ नूरफ़ातिमा, वीडीआईए (एलआईसी) से नारायण दादा ने सभा को सम्बोधित किया।

इस अवसर पर पीएसफोर से डॉ छेदी लाल निराला , फिल्म मेकर निहार भट्टाचार्य, एससी /एसटी /ओबीसी /एमटी सँघर्ष समिति से रविन्द्र भरतीय,प्रियंका, विनय, राहुल, ऐपवा से स्मिता बागड़े, अर्चना, विभा प्रभाकर, सुतपा गुप्ता, और इंकलाबी नौजवान सभा से कमलेश यादव, यूथ फ़ॉर स्वराज से दिवाकर, एकता शेखर, किसान नेता रामजन्म, पारमिता, नीता चौबे, इप्शिता, शुभम, विनय एवं अन्य सामाजिक  कार्यकर्ताओं ने मुख्य रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई । सभा का संचालन ऐपवा से कुसुम वर्मा ने किया।

सभा की दौरान जिला प्रशासन को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया जिसमें  उन्नाव बलात्कार पीड़िता को उच्च स्तरीय मेडिकल सुविधा दिए जाने, त्वरित न्याय के साथ हत्या और बलात्कार के आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर के कड़ी सजा देने की गारंटी करने, सैयदराजा(चंदौली) के मुस्लिम युवक को जलाकर मारे जाने की नृशंस घटना की जाँच कराकर दोषियों को कड़ी सज़ा देने, सामाजिक सौहार्द बनाये रखने के लिये नागरिक समाज और ज़िला प्रशासन की एक संयुक्त कमेटी बनाने, यूएपीए जैसे काले कानूनों के तत्काल वापस लेने, गैर संवैधानिक ढंग से नक्सली के नाम पर बड़े पैमाने पर गिरफ्तार किये गए सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेल से रिहा करने, सुचना अधिकार कानून में में दखलअंदाजी बंद करने, डीरेका समेत सभी सरकारी उद्योगों के निगमीकरण और निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की गई है.

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