वाराणसी में रैली कर भाकपा माले ने जनता के सवालों पर मोदी-योगी सरकार से जवाब मांगा

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वाराणसी, 21 जून.  ” अच्छे दिनों ” का नारा देकर सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अपने 4 साल पूरा करने पर जश्न मनाया लेकिन इन्हीं 4 सालों में किसानों,मजदूरों, छात्रों-नौजवानों, महिलाओं पर हमला बढ़ा है. बलात्कार की घटनाएं घटने की बजाय बढ़ती ही जा रही हैं. रोजगार देने के बजाय रोजगार खत्म किया जा रहा है. किसानों की आत्महत्या रुकने की बजाय बढ़ती जा रही है. इन्हीं सवालों पर भाकपा माले ने 20 जून को वाराणसी में “जबाब दो रैली” आयोजित कर मोदी -योगी सरकार से जवाब माँगा.

पूर्वांचलस्तरीय इस इस रैली को संबोधित करते हुए भाकपा माले के पोलित ब्यूरो सदस्य कामरेड रामजी राय ने कहा कि मोदी सरकार ने 4 से अधिक और योगी सरकार ने 1 साल से अधिक का समय पूरा कर लिया है. मोदी सरकार जिन वादों के साथ सत्ता में आई थी वो वादा पूरा नहीं हुआ. सरकार सभी मोर्चों पर विफल रही है. देश के भीतर आतंकवाद का मसला हो या विदेश नीति का मामला हो या उसका प्रबल रूप से घोषित विकास का मामला हो. अच्छे दिन की बात तो छोड़ ही दीजिए बुरे से बुरे दिन की साक्षी बन गई है यह सरकार. जैसे-जैसे 2019 का चुनाव आ रहा है वह अपने असली चरित्र को खोल रही है.

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार संप्रदायिकता, राम मंदिर और समाज में धार्मिक विभाजन पैदा करने की राजनीति पर काम कर रही है. वह देश के स्वतंत्रता संग्राम और संविधान की मूल भावना के खिलाफ नागरिकता बिल लाकर लोगों में धार्मिक विभाजन कर रही है. इसे देश कत्तई बर्दाश्त नहीं करेगा. सामंती- संप्रदायिक ताकतों का मनोबल बढ़ा है. राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत फर्जी गिरफ्तारियां हो रही हैं. इस काले कानून को खत्म किया जाए. कश्मीर में गठबंधन इसलिए तोड़ा गया ताकि दमन किया जा सके. तीन वर्षों में मोदी सरकार की नीतियों ने कश्मीर को नर्क बना दिया है. पूर्वांचल की हालत बद से बदतर होती जा रही है. सूदखोरी के जाल में दलित गरीब फंसे हैं. उनकी हत्या तक हो रही हैं.  इसलिए हम पूर्वांचल का औद्योगिक विकास के साथ विशेष पैकेज की मांग करते हैं. बेरोजगारी चरम पर है इसका हम जवाब मांगने आए हैं और आगे भाकपा माले ब्लॉक स्तर पर शिक्षा, आवास, रोजगार के मुद्दों पर अपना अभियान चलाएगी.

केंद्रीय कमेटी सदस्य ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि पूरा चंदौली, बनारस भूमि अधिग्रहण का केंद्र बना हुआ है. रेल और गेल गैस पाइप लाइन के लिए जोर जबरदस्ती से किसानों की जमीन छीनी जा रही है. किसी भी नियम का पालन नहीं किया जा रहा है. किसान लंबे समय से लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं. अगर उनकी बात नहीं सुनी गयी तो किसान निर्णायक लड़ाई लड़ेंगे. खाद्य सुरक्षा कानून के तहत गरीबों को अनाज मिलना था वो तो मिला नहीं बल्कि इसमें करोड़ों-करोड़ों का लूट हो रहा है. भाजपा जिस दिशा में आगे बढ़ रही है मेहनतकश जनता उसको जवाब देगी और सत्ता से बेदखल करेगी.

केंद्रीय कमेटी सदस्य मो० सलीम ने कहा कि बनारस नज़ीर और कबीर का शहर है इसको क्योटो मत बनाइये इसे बनारस ही रहने दीजिए। हम रैदास के दर्शन को मानने वाले लोग हैं जिन्होंने कहा था “मन चंगा तो कठौती में गंगा”। आपने कहा था गंगा ने हमको बुलाया है आज गंगा बुला रही हैं आइये. जो वादा आपने जनता से किया था उसको निभाया नहीं. इसलिए जनता आपसे फाइनल लड़ाई लड़ेगी.

भाकपा माले के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा कि भाजपा सरकार सभी मोर्चों पर विफल साबित हुई है. वादा किया था कि एक साल में दो करोड़ रोजगार देंगे, किसानों का कर्ज माफ़ करेंगे, किसनीं में लागत का दोगुना दाम देंगे, 15 लाख रूपये हर आदमी को मिलेगा लेकिन एक भी वादा पूरा नहीं किया. इसलिए आज पूर्वांचल की जनता आपसे जवाब मांगने आयी है.  दलितों-मुसलमानों-महिलाओं पर हमला बढ़ा है. बेरोजगारी से छात्र-युवा परेशान हैं. किसान आत्महत्या कर रहे हैं. भाकपा माले दलितों-मुसलमानों-महिलाओं-छात्रों-नौंजवानों की लड़ाई लड़ेगी और भाजपा को सत्ता से बेदखल भी करेगी.
सभा को श्रीराम चौधरी, जयप्रकाश नारायण, जीरा भारती, कुसुम वर्मा, शशिकांत, ओमप्रकाश सिंह, रामजीत यादव, बनारसी सोनकर, इंसाफ मंच के नेता अमान अख्तर ने संबोधित किया. अध्यक्षता जयप्रकाश नारायण और संचालन भाकपा माले के केंद्रीय कमेटी के सदस्य मनीष शर्मा ने किया. रैली में मिर्ज़ापुर, बलिया, ग़ाज़ीपुर, चंदौली, सोनभद्र, भदोही, बनारस के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया.


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