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January 20, 2020
सिनेमा

‘हाशिये के लोगों’ को समर्पित होगा छठा उदयपुर फ़िल्म फेस्टिवल

19 दिसंबर, उदयपुर

 

उदयपुर फ़िल्म सोसाइटी और प्रतिरोध का सिनेमा अभियान द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित होने वाला उदयपुर का सालाना सिनेमा जलसा छठा उदयपुर फ़िल्म फेस्टिवल आगामी 28 दिसंबर से 30 दिसंबर 2018  तक शहर के महाराणा कुम्भा संगीत सभागार में आयोजित होगा. इस बार की थीम ‘हाशिये के लोग’ हैं. छठे फ़िल्म फेस्टिवल का मुख्य वक्तव्य युवा फ़िल्मकार पवन श्रीवास्तव देंगे. पवन श्रीवास्तव की नयी फ़ीचर फ़िल्म ‘लाइफ़ ऑफ एन आउटकास्ट’ से फेस्टिवल की शुरुआत भी होगी.

कल उदयपुर में हुई प्रेस वार्ता में उदयपुर फ़िल्म सोसाइटी की संयोजक रिंकू परिहार ने बताया कि फेस्टिवल की तैयारी जोरो पर है और पवन श्रीवास्तव के अलावा 8 और फ़िल्मकारों और सिनेमा एक्टिविस्टों के शिरकत करने की मंजूरी मिल चुकी है.

उन्होंने बताया कि फ़िल्म फेस्टिवल में कुल 1 लघु फ़िल्म, 2 म्युज़िक वीडियो, 5 फ़ीचर फ़िल्मों, 7 दस्तावेज़ी फ़िल्मों और मीडिया पर एक सत्र रखा गया है.

फ़िल्म फेस्टिवल में शामिल अन्य फ़िल्में और उनके फ़िल्मकार :

दस्तावेज़ी फ़िल्में:

1.      दस्तावेज़ी फ़िल्म ‘अपनी धुन में कबूतरी’ – निर्देशक संजय मट्टू फेस्टिवल में शामिल होंगे.

2.      दस्तावेज़ी फ़िल्म ‘परमाणु ऊर्जा –बहुत ठगनी हम जानी’ – निर्देशिका फ़ातिमा निज़ारुद्दीन फेस्टिवल में शामिल होंगी.

3.     दस्तावेज़ी फ़िल्म लिंच नेशन – निर्देशक अशफाक़ ई जे और फुरकान फ़रीदी फेस्टिवल में शामिल होंगे.

4.     लघु फ़िल्म ‘गुब्बारे’ – निर्देशक मोहम्मद गनी.

5.     दस्तावेज़ी फिल्म ‘नाच भिखारी नाच’ – निर्देशक – शिल्पी गुलाटी और जैनेन्द्र दोस्त

6.     दस्तावेज़ी फ़िल्म ‘बाबू लाल भुइयां की कुर्बानी’निर्देशिका मंजीरा दत्ता

 

फ़ीचर फ़िल्में:

1.     एक डाक्टर की मौत – निर्देशक तपन सिन्हा

2.     सलीम लंगड़े पे मत रो – निर्देशक सईद अख्तर मिर्ज़ा

3.     फर्दीनांद – निर्देशक कार्लोस सलदान्हा

4.     अम्मा अरियन – निर्देशक जॉन अब्राहम

 

 

फ़ीचर फ़िल्म ‘अम्मा अरियन’ का दृश्य

छठे फ़िल्म फ़ेस्टिवल में पंजाब के भूमिहीन किसानों पर बनी दस्तावेज़ी फ़िल्म ‘लैंडलेस’ का प्रीमियर शो भी होगा. इसके निर्देशक रणदीप सिंह भी फेस्टिवल में मौजूद रहेंगे. इसी तरह मीडिया के सत्र में चलचित्र अभियान के सफ़र को उनके दो एक्टिविस्ट विशाल और शाकिब दर्शकों के साथ साझा करेंगे.

फेस्टिवल का उदघाटन शुक्रवार 28 दिसंबर को दुपहर 12 बजे पवन श्रीवास्तव के वक्तव्य से होगा जिसके तुरंत बाद होईचोई समूह के दो म्यूज़िक वीडियो ‘रंग’ और ‘एक देश कब बड़ा होता है’ से फेस्टिवल की विधिवत शुरुआत होगी.

फ़िल्म फेस्टिवल में ही नवारुण से प्रकाशित कवि रमाकांत यादव ‘विद्रोही’ के काव्य संग्रह ‘नयी खेती’ का  लोकार्पण भी होगा. गौरतलब है कि फेस्टिवल में विद्रोही पर बनी फ़िल्म ‘मैं तुम्हारा कवि हूँ’ का प्रदर्शन भी किया जाएगा.

 

जे एन यू में युवाओं को कविता सुनाते जन कवि विद्रोही

फ़ीचर फ़िल्म ‘लाइफ़ ऑफ़ एन आउटकास्ट ‘ का दृश्य

 

उदयपुर फ़िल्म सोसाइटी की संयोजक रिंकू परिहार ने यह भी बताया कि फेस्टिवल पूरी तरह से जन सहयोग पर विकसित किया जा रहा है और इसमें प्रवेश के लिए किसी भी तरह के आमंत्रण या डोनर कार्ड की आवश्यकता नहीं है.

 

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2 comments

Vijay Sharma December 19, 2018 at 3:59 pm

All the best for the festival.

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sanjay joshi December 20, 2018 at 1:04 pm

shukriya Vijay Ji.

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