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December 7, 2019
खबर

माले ने मंगल पांडेय को बर्खास्त करने की मांग की, पटना में कारिगल चौक पर विरोध सभा

पटना. मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से अब तक सैंकड़ों बच्चों की मौत पर भाजपा-जदयू सरकार की संवेदनहीनता के खिलाफ स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय की बर्खास्तगी की मांग पर राज्यव्यापी प्रतिवाद के तहत 19 जून को पूरे राज्य में भाकपा-माले, आइसा, आरवाईए और ऐपवा ने विरोध दिवस का आयोजन किया.

राजधानी पटना में चमकी बुखार व लू से मरने वालों की संख्या में लगातार होती वृद्धि और इसपर बिहार सरकार की आपराधिक लापरवाही के खिलाफ  विरोध दिवस का आयोजन किया गया. माले विधायक दल के नेता महबूब आलम ने इस अवसर पर विरोध सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हम देख रहे हैं कि इंसेफलाइटिस से सैंकड़ो की तादाद में बच्चे मारे गए हैं. लू ने भी सैंकड़ों लोगों की जान ले ली है लेकिन सरकार पटना में दुकानदारों की दुकानें ढाहने में लगी हुई है. पटना के न्यू मार्केट में बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए लंबे समय से हजारों की तादाद में दुकान लगा रहे दुकानदारों को सरकार उजाड़ने में लगी हुई है.

मुजफ्फरपुर की घटना ने एक बार फिर से जाहिर कर दिया है कि बिहार सरकार का आपदा प्रबंधन बिलकुल नकारा है. बच्चों के प्रति इस प्रकार की लापरवाही घोर आपराधिक लापरवाही है और इसके लिए पूरी तरह से भाजपा-जदयू की सरकार जवाबदेह है. हम मांग करते हैं कि इंसेफलाइटिस को आपदा घोषित करते हुए युध्द स्तर पर राहत अभियान चलाए. गांव-गांव में सक्षम डॉक्टरों की टीम भेजे और इलाज में गम्भीरता लाये. और स्वास्थ्य सेवा को मुख्यमंत्री अपने अधीन लें तथा स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को अविलंब बर्खास्त करें.

एक ओर जहां मुजफ्फरपुर व अन्य जिलों में चमकी बुखार का कहर है तो दूसरी ओर गया व औरंगाबाद के इलाके में लोग लू से मर रहे हैं. हास्यास्पद यह है कि सरकार लू से बचने के लिए ठोस उपाय करने की बजाए धारा 144 लगा रही है. इन आपदाओं में गरीबों के ही बच्चे मारे जा रहे हैं. चाहे चमकी बुखार हो या लू का कहर अथवा पेयजल संकट, इन सबके शिकार सिर्फ मेहनतकश समुदाय के लोग हो रहे हैं.

सभा को ऐपवा की बिहार राज्य सचिव शशि यादव, आइसा की प्रियंका, मृणाल तथा सत्यम झा ने भी संबोधित किया. जबकि संचालन नवीन कुमार ने किया.

आज के कार्यक्रम में पार्टी के नगर सचिव अभ्युदय, राज्य कमिटी के सदस्य नवीन कुमार, ऐपवा की बिहार राज्य सचिव शशि यादव, माले नेता मुर्तजा अली, अनय मेहता, रणविजय कुमार, नसीम अंसारी, राखी मेहता, आरवाईए के राज्य सचिव सुधीर कुमार, आइसा के राज्य अध्यक्ष मोख्तार, शशांक, आकाश कश्यप, संतोष आर्या, कवि राजेश कमल, कवि प्रशांत विप्लव, सत्यम ज्ञा, विकास, कृष्ण कुमार, प्रकाश कुमार, प्रियंका, अपूर्व आदि बड़ी संख्या में छात्र-युवा उपस्थित थे.

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