वाराणसी में भाकपा माले की पूर्वांचल स्तरीय जवाब दो रैली 20 को

वाराणसी, 18 जून. मोदी-योगी सरकार द्वारा “अच्छे दिन ” लाने का वादा धोखा साबित हुआ. गरीब-दलित-किसान-नौजवान-महिलायें सभी लोग ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. न दो करोड़ रोजगार मिला न किसानों की आय दोगुनी हुई, न काला धन ही वापस आया. वाराणसी स्थित शास्त्री घाट कचहरी में 20 जून को आयोजित होने वाली पूर्वांचल स्तरीय जवाब दो रैली में सवाल मजबूती से उठाये जायेंगे और योगी-मोदी सरकार से जवाब मांगा जायेगा.

यह बातें भाकपा माले के राज्य सचिव सुधाकर यादव व पोलित ब्यूरो सदस्य रामजी राय ने आज एक पत्रकार वार्ता में कहीं. माले नेताओं ने कहा कि इस रैली में पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से लोग प्रतिभाग करेंगे. मुख्य वक्ता के बतौर भाकपा माले राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य संबोधित करेंगे। सभा में दलितों-मुस्लिमों-महिलाओं पर बर्बर हमले व सामंती-साम्प्रदायिक ताकतों को संरक्षण, पूर्वांचल बदहाल का सवाल भी प्रमुखता से उठाया जायेगा.

माले नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा उछाला गया “सबका साथ सबका विकास” का नारा खोखला ही साबित हुआ है. मोदी-योगी राज में जातिवाद-सांप्रदायिक ताकतों का मनोबल सातवें आसमान पर है. दलितों-मुस्लिमों व महिलाओं पर हमले कई गुना बढ़ गये हैं. लोकतंत्र व संविधान को ताक पर रख के ये सरकार बड़ी बेशर्मी से दंगाई व सामंती ताकतों को खुला संरक्षण दे रही है.

माले के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के पूर्वांचल से होने के बावजूद बनारस और पूर्वांचल को कुछ हासिल नहीं हुआ. वादा तो यहाँ भी विकास व बदलाव का था पर पूर्वांचल और ज्यादा बदहाल हुआ. खेती, बुनकरी, कालीन उद्योग का संकट और बढ़ गया. कोई नयी फैक्ट्री तो खुली नहीं और बंद पड़ी मिलें बेच दी गयीं. पूर्वांचल के बेरोजगारों-नौजवानों का पलायन कम होने के बजाय और बढ़ गया. “जवाब दो रैली” के माध्यम से मोदी-योगी सरकार से हम पूछेंगे कि आखिर पूर्वांचल को क्या मिला, बनारस और बदहाल क्यों हो गया ?

पत्रकार वार्ता में शैलेष, विष्णु प्रभाकर, अमान अख्तर, प्रज्ञा, आशीष और भाकपा माले की केंद्रीय कमेटी सदस्य मनीष शर्मा भी मौजूद रहे।

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