एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश का परिणाम है मोहम्मद अज़ीम की हत्या

दिल्ली के मालवीय नगर में मोहम्मद अज़ीम की हत्या पर सीपीआईएमएल, सीपीएम, आइसा, एडवा की तथ्यान्वेषी रपट नई दिल्ली. 25 अक्टूबर को मालवीय नगर के 8 साल के एक बच्चे मोहम्मद अज़ीम  की हत्या बच्चों के ही एक समूह ने पीट-पीटकर कर दी. मोहम्मद अज़ीम मालवीय नगर इलाके के लिए जामिया फरीदया मदरसा में पढ़ाई कर रहा था. बेहद गरीब पृष्ठभूमि के उन 70 बच्चों में से वह एक था जो उस मदरसे में पढ़ते थे. मोहम्मद अज़ीम की हत्या की खबर सत्तारूढ़ भाजपा और आरएसएस द्वारा चलाई जा रही मुस्लिम -विरोधी…

Read More

किसानों पर बुलेट और बुलडोजर चला रही है मोदी सरकार

‘ भाजपा भगाओ, किसान बचाओ रैली ’ और अखिल भारतीय किसान महासभा का राज्य सम्मेलन आरा (बिहार ). भोजपुर किसान आंदोलन के शिल्पकार और सामाजिक बदलाव के महानायक का. रामनरेश राम की आठवीं बरसी के मौके पर 26 अक्टूबर को आरा में ‘ भाजपा भगाओ, किसान बचाओ रैली ’ आयोजित की गई। जगदीश मास्टर-रामेश्वर यादव मैदान (वीर कुंवर सिंह स्टेडियम), रामनरेश राम नगर (आरा) में आयोजित इस रैली में आए हजारों किसानों की सभा को मुख्य रूप से भाकपा-माले के राष्ट्रीय महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य, अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव…

Read More

मिर्जापुर के सरकारी अस्पताल में लापरवाही से गर्भवती महिला की मौत, आन्दोलन करने पर 20 पर केस

स्वास्थ्य केंद्रों के अंदर अप्रशिक्षित एनम कर रही हैं गर्भवती महिलाओं की हत्या, घटना के 10 दिन बाद भी नहीं मिला कलावती के परिवार को न्याय, छह महीने में इस अस्पताल में आधा दर्जन महिलाओं की हो चुकी है मौत मिर्जापुर. मड़िहान तहसील बहुत कम आबादी वाला मिर्जापुर जिले का पहाड़ी इलाका है. इलाके में अधिकतर गरीब मजदूर परिवार ही बसे हैं। विगत 14 अक्टूबर को क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की लापरवाही और एएननम द्वारा गलत ढंग से प्रसव कराने के चलते कलावती मौर्य और उसके गर्भ…

Read More

रामनरेश राम : किसानों की मुक्ति के प्रति प्रतिबद्ध एक क्रांतिकारी कम्युनिस्ट

( बिहार के आरा में अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से 26 अक्टूबर को ‘ भाजपा भगाओ किसान बचाओ रैली’ होने वाली है। यह रैली भोजपुर के क्रांतिकारी किसान आंदोलन के शिल्पकारों में से एक कामरेड रामनरेश राम की आठवीं बरसी के मौके पर हो रही है. ) किसान-मजदूरों, दलित-वंचित-उत्पीड़ित समुदायों और लोकतंत्रपसंद लोगों के पसंदीदा नेता, 60 के दशक के लोकप्रिय मुखिया और 1995 से लगातार तीन बार विधायक रहने वाले अत्यंत ईमानदार और जनप्रिय विधायक का. रामनरेश राम का पूरा जीवन एक प्रतिबद्ध क्रांतिकारी कम्युनिस्ट का जीवन था।…

Read More

निराला की कविताएँ अपने समय के अंधेरे को पहचानने में हमारी मदद करती हैं: प्रो. विजय बहादुर सिंह

विवेक निराला    निराला की 57 वीं पुण्यतिथि पर आयोजित ‘छायावाद और निराला :कुछ पुनर्विचार’ विषय पर ‘निराला के निमित्त’ की ओर से आयोजित गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए प्रसिद्ध आलोचक प्रो. विजय बहादुर सिंह ने छायावाद की प्रासंगिकता पर कई प्रश्नों के साथ विचार करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने रेखांकित किया कि छायावाद आधुनिक भारत का सांस्कृतिक स्वप्न है। ‘अस्मिता की तलाश’ पहली बार छायावादी कविता में ही दिखाई देती है। छायावाद ने ‘मनुष्यता’ को सबसे बड़ी अस्मिता के रूप में रेखांकित किया। छायावाद के…

Read More

इंसेफेलाइटिस से मौतों में ‘ चमत्कारिक ’ कमी का सच क्या है ?

उत्तर प्रदेश और बीआरडी मेडिकल कालेज में इंसेफेलाइटिस (एईएस /जेई) से मौतों में ‘ भारी ’, ‘ चमत्कारिक ’ कमी का का दावा विवादों के घेरे में आ गया है. बीआरडी मेडिकल कालेज आंकड़ों को तोड़ मरोड़ कर पेश कर रहा है तो राष्ट्रीय स्तर पर इंसेफेलाइटिस के आंकड़े जारी करने वाले नेशनल वेक्टर बार्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (एनवीबीडीसीपी) ने एक महीने में अपने ही आंकड़े में फेरबदल कर दिया और जुलाई महीने के बरक्स अगस्त महीने में इंसेफेलाइटिस से मौतों में कमी बता दी. एनवीडीसीपी ने जुलाई माह तक यूपी में एईएस से 118 और जेई से 6 मौतें दर्शायीं थी लेकिर अब अगस्त महीने तक के जारी आंकड़ों में एईएस से मौतों की संख्या घटाकर 110 और जेई से मौतों की संख्या 3 बतायी गई है जबकि अन्य राज्यों में मौतों के आंकड़े बढ़े हैं. इससे यह संदेह और पक्का हो रहा है कि आंकड़ों में फेरबदल कर इंसेफेलाइटिस से मौतों की कमी का दावा किया जा रहा है जबकि वास्तविक स्थिति कुछ और है.

Read More

नुलकातोंग फर्जी मुठभेड़ : माओवादियों के नाम पर निर्दोष मूलनिवासियों की हत्या

मूलनिवासियों के साथ हमारी वृहद बातचीत और गहरी जांच-पड़ताल में यह स्पष्ट हो जाता है कि यह मुठभेड़ नहीं बल्कि मूलनिवासियों को जल-जंगल-जमीन और उनके संस्कृति से बेदखल करने के लिए ऑपरेशन प्रहार-4 था. मौके पर कोई माओवादी नहीं था बल्कि सैकड़ों की संख्या में सुरक्षा बलों के जवानों को देखकर ग्रामीण भागने और छिपने की कोशिश कर रहे थे जिन पर बिना कुछ कहे और बताए गोलियां बरसा दी गईं. मरने वालों में दो-तीन नाबालिग थे. सुकमा एसपी का बयान गलत साबित हो रहा है. पत्रकारों और सिविल सोसायटी के लोगों को स्वतंत्र रूप से इन युद्ध क्षेत्रों में जाने से पहले थाने में जानकारी देने के लिए कहा जा रहा है और बिना किसी जिम्मेदार अधिकारियों के अनुमति के जाने से रोका जा रहा है. उनके कामों में विध्न पहुंचाया जा रहा है.

Read More

पटना के गर्दनीबाग में भूमिहीनो, गरीबों व दुकानदारों को उजाड़ने के खिलाफ दो दिन अनशन

गर्दनीबाग में बरसों से रह रहे भूमिहीन-गरीबों को सरकार के निर्देश पर उजाड़ा जा रहा है. प्रशासन ने गरीबों की झोपड़ियां ढाहनी शुरू कर दी हैं. गर्मी और अब बारिश में हजारों परिवार पेड़ के नीचे अपना जीवन गुजर बसर कर रहे हैं. उनके पास अन्यत्र न तो कोई जमीन है और न ही किराये के मकान में वे रह सकते हैं. बिजली व पानी सप्लाई भी बाधित कर दी गई है.

Read More

तीन वर्षों में 200 घर बड़ी गंडक में समाए, अपने हाथों से अपना घर गिरा रहे हैं ग्रामीण

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में बड़ी गंडक नदी की कटान से तमकुही तहसील के एपी तटबंध के पास कई गांव नदी में समाते जा रहे हैं. लोग अपने हाथों से अपने घरों को गिरा रहे हैं ताकि ईंट आदि बचा सकें. एक पखवारे में अहिरौलीदान के चार टोले के 30 घर नदी की कटान की जद में आ चुके हैं. इन गांवों में पहले से 200 से अधिक घर नदी में समा चुके हैं.

Read More

खेती-किसानी के मौसम में भोजपुर के किसान सड़क पर

भोजपुर के अगिआंव प्रखंड के नहरों में पानी लाने के लिए किसानों के 30 घंटे के जुझारू आंदोलन ने सरकार-प्रशासन को झुका दिया. किसानों के आन्दोलन से 20 वर्ष से सूखी नहरों में पानी आया है.

Read More

अनुपम सिंह की कविताओं पर जसम की घरेलू गोष्ठी की रपट

अनुपम की कविताएँ अपने वक्त, अपने समाज और अपनी काया के अनुभव से उपजी हुई कविताएँ हैं- योगेंद्र आहूजा पिछली 23 जून 2018 को जसम की घरेलू गोष्ठी के तहत प्रसिद्ध चित्रकार अशोक भौमिक के घर पर युवा कवयित्री अनुपम सिंह की कविताओं का पाठ और उस पर परिचर्चा आयोजित हुई। कायर्क्रम की शरुआत अनुपम सिंह द्वारा उनके काव्य पाठ से हुई। उन्होंने काव्यपाठ की शुरुआत ‘तलैया’ से की इसके बाद ‘मूढ़ महिलाएं’ , ‘अधिकारहीन बुआएं’ , ‘लड़कियाँ जवान हो रही हैं’, ‘जुए की पारियां’, ‘रंग जहाँ अपराधी होते हैं’,…

Read More

‘ अनशन करते मेरे प्राण होम हो जाएँ तो मेरे शरीर को विधायक के घर में फेंक देना ’

विकास के दावों-नारों के शोर के बीच देवपुरी गाँव आज भी सड़क से महरूम है. चार किलोमीटर की सड़क के लिए दो-दो मुख्यमंत्रियों ने घोषणा की , विधायकों ने वादे किये लेकिन सड़क आज तक नहीं बन सकी. गांव के लोग आन्दोलन कर रहे हैं. रघुवीर सिंह रावत 5 जून से आमरण अनशन पर हैं और उनका कहना है कि सड़क बनने तक उनका अनशन जारी रहेगा, चाहे उनकी जान ही क्यों न चली जाय.

Read More

अफगानिस्तान में अपहृत 7 मजदूरों पर चुप्पी साधे है झारखण्ड और केंद्र सरकार

अपहृत मजदूरों की क्या स्थिति है, उनका अपहरण किन लोगों ने किया, किस वजह से किया, उनकी रिहाई कब तक होगी और उनकी रिहाई की क्या क्या राजनीतिक-कूटनीतिक प्रयास किये जा रहे है, इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना परिजनों को नही मिल रही है.

Read More

प्रदर्शनकारियों को मारने के इरादे से शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पूर्वनियोजित हमला थी तूतीकोरिन की घटना

तूतीकोरिन में स्टरलाइट कॉपर प्लांट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस गोलीबारी की घटना पर आल इंडिया पीपुल्स फोरम ( एआईपीएफ ) की जाँच रिपोर्ट आल इंडिया पीपुल्स फोरम ( एआईपीएफ ) की जाँच टीम जिसमें सामाजिक वैज्ञानिक आर विद्यासागर, बेंगलुरु के अधिवक्ता क्लिफ्टन, तिरुनेलवेली के अधिवक्ता जी रमेश, अब्दुल निजाम और सामाजिक कार्यकर्ता सुंदरराज, शामिल थे,  ने 27 मई 2018 को तूतीकोरिन कस्बे में कुमारेड्डीपुरम, वीरापांडीपुरम, अन्ना नगर की बस्तियों और थेरेसपुरम का दौरा किया. टीम ने तूतीकोरिन के सरकारी अस्पताल का भी दौरा किया और पुलिस…

Read More

मानदेय में दम नहीं ! न्यूनतम वेतन से कम नहीं !!

दिल्ली आशा कामगार यूनियन (ऐक्टू) द्वारा आज न्यूनतम वेतन के अनुरूप वेतन लागू करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास पर धरना-प्रदर्शन किया गया। धरना-प्रदर्शन में विभिन्न इलाकों से आशा वर्कर्स ने हिस्सा लिया और अपनी मांगे बुलंद की। आशा वर्कर्स के एक प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री आवास पर जाकर अपना ज्ञापन सौंपा और सरकार से साफ-साफ ये बात उठायी कि हमारी मांग न्यूनतम वेतन लागू करने की है और उससे कम पर कोई बात नहीं होगी। आशा वर्कर्स की इस प्रस्ताव को दिल्ली सरकार विधानसभा में पारित करे। दिल्ली…

Read More

उत्तर प्रदेश जहाँ हर दस में से चार बच्चा कुपोषित है

  नवम्बर 2017 महीने के दूसरे सप्ताह में देवरिया से खबर आई कि कुपोषण, भूख और बीमारी से मजदूर पशुपति के दो बच्चे खुश्बू (7) और अजय (5) की 9 नवम्बर को मौत हो गई। दोनों बच्चे 16 अक्टूबर से बीमार थे। पशुपति उन्हें इलाज के लिए लार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले गया जहां से उसे देवरिया जिला अस्पताल भेज दिया गया। जब वह वहां पहुंचा तो उसे बीआरडी मेडिकल कालेज भेज दिया गया। बीआरडी मेडिकल कालेज से उसे वापस घर भेज दिया गया। घर लौटने पर उसके दोनों बच्चों…

Read More

बड़ी गंडक में बालू खनन की अनुमति देकर सरकार ने डेढ़ लाख लोगों की जिंदगी को खतरे में डाला

बाढ़ खंड के इंजीनियर ने डीएम को पत्र लिख खनन को अवैध बताया क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र देकर खनन पट्टा निरस्त करने की मांग की छह दिन से ग्रामीण खनन रोकने की माँग को लेकर कर रहे हैं धरना-प्रदर्शन कुशीनगर जिले में बड़ी गंडक नदी में बालू खनन की अनुमति देकर प्रदेश सरकार और कुशीनगर जिला प्रशासन ने तमकुहीराज तहसील के डेढ़ लाख लोगों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है। इससे पहले से ही नदी के कटान का शिकार 17 किलामीटर लम्बे अहिरौलीदान-पिपराघाट तटबंध (एपी…

Read More