पत्रकारों पर हमले के ख़िलाफ़ कन्वेंशन में पत्रकार सुरक्षा कानून और प्रेस आयोग के गठन की माँग

नई दिल्ली. कमेटी एगेंस्ट एसॉल्ट ऑन जर्नलिस्ट (काज)  द्वारा दिल्ली के कांस्टीट्युशन क्लब ऑफ इंडिया में 22 और 23 सितम्बर को पत्रकारों पर हमले के ख़िलाफ़ दो दिवसीय राष्ट्रीय कन्वेंशन आयोजित किया गया हुआ. इस दो दिवसीय कार्यक्रम में दोनों दिन पूरे समय कार्यक्रम हॉल खचाखच भरा रहा. कार्यक्रम में दूर-दराज के गाँवों, कस्बों और छोटे शहरों के पत्रकारों का शामिल होना इस कार्यक्रम की अभूतपूर्व सफलता कहा जा सकता है. सम्मेलन में पत्रकार सुरक्षा कानून, पत्रकारों को लीगल सहायता और प्रेस आयोग के गठन की माँग उठी. उद्घाटन सत्र…

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पहली जंगे आज़ादी और मार्क्स

भारतीय संदर्भ में मार्क्सवाद के बारे में चर्चा करते हुए आम तौर पर यह कहा जाता है कि मार्क्स तो भारत को नहीं समझते थे, उसमें जाति और उसके वर्चस्व के बारे में वे नहीं जानते थे.लेकिन भारत में होने वाले जातीय भेदभाव को मार्क्स बखूबी समझते थे. इसलिए वे साफ़ तौर पर “जात-पात” के “भेदभाव और दासता” का उल्लेख कर रहे थे और भारत के पिछड़ेपन के कारण के तौर पर चिन्हित कर रहे थे.

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