सुन्दर कल्पनाएँ सुन्दर यथार्थों की भूमि पर ही लहलहाती हैं

डॉ. स्कंद शुक्ला शरद की रातें आसमान के हीरों को निहारने के लिए हैं। बरसात अब उतनी नहीं हो रही कि पूरी कालिमा पर मेघाच्छादन रहे। लेकिन इतनी फिर भी चल रही है कि धूल के कणों को बुहार कर पृथ्वी पर वापस कर दिया जाए ताकि अन्तरिक्षीय मणियाँ जगमगा उठें। सो खगोलविदों और प्रेमियों को अगर रात की भाषा पढ़नी है , तो समय यही है। जाने दो वह कविकल्पित था , मैंने तो भीषण जाड़ों में नभचुम्बी कैलासशीर्ष पर महामेघ को झंझानिल से गरज-गरज भिड़ते देखा है !…

Read More

ये तारा , वो तारा , हर तारा : लाइट्स बन्द , कैमरा ऑन , एक्शन

डॉ. स्कन्द शुक्ला जब दुनिया में विश्वयुद्ध चल रहा हो और हर जगह बत्ती गुल करने का आदेश हो , तब कोई दूर-सुदूर की ज्योतियों में जीवन टटोल सकता है ? जब आसमान में घुप्प अँधेरा कर दिया गया हो , तब कोई दूरबीनों में नज़रें गड़ाकर तारों की हथेलियाँ देखकर उनकी उम्रें बता सकता है ? और इस तरह तारों को पढ़कर भला क्या ऐसा हासिल हो जाएगा कि उसपर इतनी मग्ज़मारी की जाए ! वॉल्तर बादे और उन जैसे वैज्ञानिक ख़ब्ती नहीं हैं , संसार की चुनिन्दा समझदार…

Read More

स्टीफेन हॉकिंग – विज्ञान का चमकता सितारा जो कभी नहीं बुझेगा -लाल्टू

“हमारी औकात एक औसत नक्षत्र के छोटे-से ग्रह पर तरक्की कर चुके बानरों की प्रजाति मात्र की है। पर हम कायनात को समझ सकतेहैं। यही हमें खास दर्ज़ा देता है। “ स्टीफेन हॉकिंग कौन थे? आम लोगों के मन में वे एक बड़े वैज्ञानिक थे, जिन्होंने हाल के वर्षों में कहा था कि अब हम पक्के तौर पर कह सकते हैं कि ईश्वर का कोई अस्तित्व नहीं है, यानी खुदा ने यह कायनात न तो बनाई है और न ही इसको वह चलाता है। जाहिर है इस तरह के बयान…

Read More

निर्जन द्वीप में संगीत: स्टीफन हॉकिंग का एक साक्षात्कार

(महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग का आज 76 साल की उम्र में निधन हो गया । यहां प्रस्तुत है उनका एक इंटरव्यू जो पहल में प्रकाशित हो चुका है.) प्रसिद्ध ब्रिटिश भौतिकविद् स्टीफन हॉकिंग का प्रस्तुत इंटरव्यू उनकी किताब black holes and baby universes and other essays से साभार लिया गया है. बैंटम बुक्स प्रकाशन से ये किताब 1993 में प्रकाशित हुई थी.- शिवप्रसाद जोशी, अनुवादक. समय का संक्षिप्त इतिहास, ‘अ ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम’ जैसी लोकप्रिय प्रसिद्ध किताब से स्टीफन हॉकिंग दुनिया भर में एक जाना पहचाना नाम कई साल पहले…

Read More

परमाणु हथियार वर्तमान पीढ़ी और परमाणु कचरा भावी पीढ़ी को तबाह कर देगा : प्रो.ली वॉन यंग

  ( परमाणु हथियारों के खतरे से लोगों को सचेत करने के लिए 26 देशों की 11000 किलोमीटर यात्रा पर निकले साउथ कोरिया के प्रो. ली वॉन यंग से वरिष्ठ पत्रकार सगीर ए खाकसार की बातचीत ) साउथ कोरिया के प्रो. ली वॉन यंग परमाणु प्रसार और न्यूक्लियर परमाणु संयंत्रों में हो रही दुर्घटनाओं से विचलित और व्यथित हैं। पिछले तैंतीस वर्षों में दुनिया के विभिन्न देशों के परमाणु संयंत्रों में हुई दुर्घटनाओं ने उन्हें झकझोर कर रख दिया है। उनका मानना है कि परमाणु हथियार हमारी वर्तमान पीढ़ी के लिए खतरा…

Read More