प्रदूषण रहित दिल्ली के लिए सस्ता, सुलभ और सुरक्षित जन परिवहन ज़रूरी

किसी भी देश, राज्य या शहर में नागरिकों को सुरक्षित, सुगम, सस्ती जन परिवहन मुहैया करवाने की पहला दो शर्त है-सड़कों में पर्याप्त मुख्य परिवहन सेवा – दिल्ली के लिए जो डीटीसी बस है एवं यहाँ के कर्मचारियों को सभी बुनियादी अधिकार मुहैया करवाना लेकिन दिल्ली सरकार इन दोनों शर्तों को दरकिनार करके एवं परिवहन व्यवस्था का पूर्ण निजीकरण, ठेकेदारीकरण के बाद सिर्फ़ एक फैसिलिटेटर की भूमिका में सिमट गया।

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जलवायु परिवर्तन और अमिताभ घोष

गोपाल प्रधान 2016 में पेंग्विन से अमिताभ घोष की किताब ‘ द ग्रेट डीरेंजमेन्ट: क्लाइमेट चेन्ज ऐंड द अनथिंकेबल ’ का प्रकाशन हुआ । मुख्य रूप से उपन्यास लेखक होने के बावजूद अमिताभ घोष लगातार अपने समय के महत्वपूर्ण सवालों पर वैचारिक लेखन करते रहते हैं। एक और उपन्यासकार अरुंधती राय इससे भी आगे जाकर आंदोलनों में शामिल होती हैं । इन दोनों ने ही पोकरण विस्फोट पर बेहतरीन किताबें लिखीं । किताब को अमिताभ ने तीन हिस्सों में बांटा है । पहले हिस्से में कहानियां सुनाने के बाद दूसरे…

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सतत विकास लक्ष्य के आईने में सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा

  वर्ष 2000 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने सहस्राब्दि विकास के 8 लक्ष्य तय किये थे. जिसका मकसद  2015 तक दुनिया भर में गरीबी, स्वास्थ्य, मृत्यु दर, शिक्षा, लिंगभेद, भुखमरी जैसी चुनौतियों पर काबू पाना था. लेकिन दुर्भाग्य से 2015  तक इन्हें हासिल नहीं किया जा सका. इसके बाद वर्ष 2030 तक के लिये “ सतत् विकास लक्ष्य ” (एसडीजी) का विचार सामने आया जिसके तहत संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा अगले 15 सालों के लिए नए लक्ष्य तय कर दिए गए हैं. इन्हें टिकाऊ विकास लक्ष्य भी कहा जाता है.…

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