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बिहार बंद का व्यापक असर, राज्य में सैंकड़ों प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी

Публикувахте от CPIML – Liberation, Bihar в Сряда, 18 декември 2019 г.

पटना.  सीएए और एनआरसी को वापस लेने की केंद्रीय मांग के साथ वाम दलों के राष्ट्रव्यापी प्रतिवाद के तहत 19 दिसम्बर को बिहार बंद का पटना में व्यापक असर देखा गया. जहां एक ओर वाम दलों ने दिन के 12 बजे गांधी मैदान से विशाल जुलूस निकाला, वहीं छात्र संगठनों ने पटना विश्वविद्यालय के इलाके में बंद को पूर्णरूपेण सफल करवाया. बंद में महिलाओं की सुरक्षा और जल-जीवन-हरियाली योजना के नाम पर गरीबों की बेदखली के सवाल को भी उठाया गया था.

भाकपा-माले के बिहार राज्य सचिव कुणाल, पोलित ब्यूरो के सदस्य धीरेन्द्र झा, मीना तिवारी; सीपीआई के बिहार राज्य सचिव सत्यनारायण सिंह, विजय नारायण मिश्र; सीपीएम के राज्य सचिव अवधेश कुमार, अरूण मिश्रा, गणेश शंकर सिंह सहित फारवर्ड ब्लाॅक, आरएसपी व हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के नेताओं के नेतृत्व में बंद का जुलूस रामगुलाम चौक से निकला और जेपी गोलबंर, रेडियो स्टेशन होते हुए डाकबंगला चैराहा पहुंचा. डाकबंगला चैराहा को प्रदर्शनकारियों ने चारो तरफ से घेर लिया और घंटो नारेबाजी करते रहे. सीएए व एनआरसी को वापस लेने, संविधान-लोकतंत्र की हत्या बंद करने, महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी करने आदि नारे बुलंद करते रहे.

नारेबाजी के उपरांत वहां पर एक प्रतिवाद सभा आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता सीपीएम के गणेश शंकर सिंह ने की. यहीं पर भाकपा नेता कन्हैया कुमार, जनअधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव, कांग्रेस के विधायक शकील अहमद सहित अन्य धर्मनिरपेक्ष-लोकतांत्रिक पार्टियों के नेता-कार्यकर्ता भी बंद में शामिल हुए. वाम पार्टियों के नेताओं के अलावा अन्य दलों के वक्ताओं ने सभा को संबोधित करते हुए एनआरसी व सीएए को अविलंब वापस लेने की मांग की.

बिहार बंद वाम दलों के राष्ट्रव्यापी प्रतिरोध दिवस के तहत किया गया था, जिसको विभिन्न राजनीतिक पार्टियों-संगठनों ने समर्थन दिया था. आइसा, एआईएसफ, एसफआई, भीम आर्मी आदि छात्र संगठनों के नेतृत्व में सैंकड़ों छात्र आज के बिहार बंद में शामिल हुए. महेन्द्रू, एनआईटी मोड़, पटना विश्वविद्यालय, रमना रोड, सब्जी बाग, बीएन काॅलेज आदि इलाकों में बंद कराते छात्रों का यह जत्था डाकबंगला चैराहा. वहीं इन छात्र संगठनों से जुड़ी छात्राओं ने मगध महिला काॅलेज से जुलूस निकाला और बंद को सफल बनाने में अपना योगदान दिया.

डाकबंगला चैराहे पर प्रतिवाद सभा के अंत में प्रदशनकारियों का आह्वन करते हुए भाकपा-माले के पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेन्द्र झा ने कहा कि आज का बिहार बंद मोदी-अमित शाह को खुली चुनौती दे रहा है. आम-अवाम उनसे कह रहा है कि उनकी विभाजनकारी नीतियां इस देश में नहीं चलने वाली है. संविधान व लोकतंत्र पर हमला हम कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने बंद समर्थकों का आह्वान किया कि आने वाले दिनों में इस लड़ाई को और व्यापक बनाने के लिए कमर कस लें. आगामी 8 जनवरी को देश के ट्रेड यूनियनों ने आम हड़ताल की घोषणा की है. उस दिन भी हम पूरी मुस्तैदी से सीएए और एनआरसी को वापस लेने की मांग पर सड़क पर उतरेंगे. आठ जनवरी की हड़ताल में ग्रामीण मजूदरों की भी व्यापक गोलबंदी होगी. प्रतिवाद सभा को ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी के अलावा अन्य महिला व छात्र संगठनों के भी नेताओं ने भी संबोधित किया.

आज के बिहार बंद के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बंद समर्थकों की गिरफ्तारी की गई. नवादा के पकरीबरावां में 100 से अधिक माले समर्थकों को गिरफ्तार किया गया. वहीं, शेखुपरा में 300 वाम कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया. गया सिविल लाइन्स में भी बंद समर्थकों ने गिरफ्तारी दी.

बेगूसराय में माले व आइसा कार्यकर्ताओं ने नेशनल हाइवे 31 को पूरी तरह जाम कर दिया. मुजफ्फरपुर के सकरा में एनएच 28 पर घंटों जाम लगाया गया. आइसा के छात्रों ने मगध विश्वविद्यालय को भी बंद करवाया. आइसा कार्यकर्ताओं ने कैंपस में मार्च करने के उपरांत नरेन्द्र मोदी का पुतला दहन किया. मुजफ्फरपुर में इंसाफ मंच के बैनर तले हजारों की संख्या में लोग संविधान बचाओ नारे के साथ सड़क पर उतरे. नालंदा में भी तकरीबन 5 हजार की संख्या बंद के समर्थन में सड़क पर उतर आई और शहर के सभी चैराहों को जाम कर दिया.

गायघाट-मुजफ्फरपुर एनएच तथा बंदरा-मुजफ्फरपुर एनएच को जाम किया गया. पूर्णिया के लाइनबाजार इलाके में प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम किया और बंद को सार्थक बनाया. बाद में आर एन साह चैक को भी जाम किया गया. मोतिहारी में वाम दलों नेे संयुक्त रूप से छतौनी चैक पर आधे घंटे तक एनएच 28 पर यातायात परिचालन को बाधित किया. भाकपा-माले के जिला सचिव प्रभुदेव यादव, ऐक्टू के जिला संयोजक विष्णुदेव यादव, महासंघ गोपगुट के सलाहकार भाग्य नारायण चौधरी आदि नेताओं के नेतृत्व में बंद का सफल बनाया गया. दरभंगा में सिमरी एनएच 57 को करीब तीन घंटे से अधिक समय तक जाम रखा गया. इसका नेतृत्व भाकपा-माले के बिहार राज्य कमिटी के सदस्य अभिषेक कुमार, सिंहवाड़ा प्रखंड के सचिव सुरेन्द्र पासवान आदि नेताओं ने किया.

दरभंगा में भाकपा-माले कार्यकर्ताओं ने सुबह-सुबह जानकी एक्सप्रेस के परिचालन को बाधित किया. माले नेता जंगी यादव के नेतृत्व में लगभग एक घंटे तक जानकी एक्सप्रेस के परिचालन को बाधित किया गया. दरभंगा के ही लहेरियाराय स्टेशन पर जयनगर पटना कमला गंगा इंटरसिटी एक्सप्रेस को रोका गया. नालंदा के इसलामपुर में लोकल ट्रेन के परिचालन को माले कार्यकर्ताओं ने बाधित किया. जहानाबाद में भभुआ-पटना इंटरसिटी व 5 पीजी पैसेंजर को हजारों माले व वाम कार्यकर्ताओं ने ट्रैक पर चढ़ कर रोक दिया है. रेल जाम करने के बाद उपरांत पटना-गया मुख्य पथ को जाम कर दिया गया है. दुकानें अधिकांश बंद हैं. बंद का नेतृत्व माले जिला श्रीनिवास शर्मा, रामबलि सिंह यादव सहित सीपीएम व सीपीआई के नेतागण शामिल हैं.

रेलवे के अतिरिक्त राज्य के मुख्य पथों को भी प्रभावित किया गया है. भाकपा-माले की केंद्रीय कमिटी के सदस्य मनोज मंजिल के नेतृत्व में आरा-सासाराम मुख्य पथ पर सैंकड़ों माले कार्यकर्ताओं ने घंटो से जाम लगा रखा है, जिसकी वजह से यातायात पूरी तरह से प्रभावित हो गई है. आरा शहर में भाकपा-माले के वरिष्ठ नेता स्वदेश भट्टाचार्य, जवाहर लाल सिंह, संगीता सिंह और इंसाफ मंच के राज्य सचिव कयामुद्दीन अंसारी के नेतृत्व में शहर में मार्च निकला और आरा बस स्टैंड चौक के पास जाम कर सभा की गई. जगदीशपुर के नयका टोला में सुबह के 7 बजे से ही बंद समर्थक सड़क जाम किए हुए हैं. जगदीशपुर में भड़सरा बाजार भी बंद कराया गया. पवना बाजार में भी बंद का व्यापक असर दिख रहा है, वहां रोड को पूरी तरह जाम कर दिया गया है. इसाढ़ी बाजार में माले कार्यकर्ताओं ने आरा-मोहनियां रोड जाम किया गया. अरवल में भाकपा-माले के जिला सचिव महानंद के नेतृत्व में सैंकड़ों वाम समर्थकों ने भगत सिंह चैक को जाम कर दिया, जिसके कारण अरवल-जहानाबाद और पटना-औरंगाबाद पथ पर यातायात पूरी तरह से ठप्प पड़ गया है.

मोतिहारी में माले के जिला सचिव प्रभुदेव यादव के नेतृत्व में बंद समर्थक सड़क पर उतर आए हैं. पश्चिम चंपारण के मैनाटांड़ में बंद समर्थकों ने शहर के कई मुख्य मार्गों को जाम कर दिया है. मधुबनी के रहिका में सैंकड़ों वाम कार्यकर्ता बंद कराने सड़क पर उतरे उए हैं. सिवान में माले जिला सचिव नईमुद्दीन असंारी के नेतृत्व में जेपी चैक, स्टेशन चैक चंद्रशेखर चैक (गोपालगंज मोड़) को माले कार्यकर्ताओं ने सुबह से ही जाम लगा रखा है. मैरवां, दरौली व अन्य देहाती इलाकों में भी बंद का व्यापक असर दिख रहा है. कटिहार मुख्य चौराहे को बंद समर्थकों ने जाम कर रखा है. भभुआ, रोहतास, गया, नवादा, भागलपुर, गोपालगंज, अररिया आदि तमाम जगहों पर बंद का व्यापक असर दिख रहा है.

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