रोजगार के सवाल पर लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस का बर्बर लाठी चार्ज

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लखनऊ, 2 नवम्बर. प्रदेशभर के सैकड़ों छात्र विधानसभा भवन के सामने 1:00 बजे से इकट्ठा होने लगे थे। इकट्ठा होने के बाद छात्रों ने बैनर पोस्टर के साथ नारेबाजी शुरू कर दी जिसके बाद पुलिस प्रशासन गुस्से में आ गया और छात्र-छात्राओं पर बर्बर लाठीचार्ज किया।
68500 अध्यापकों की भर्ती में कट ऑफ मार्क को 30 प्रतिशत और 33 प्रतिशत करने, भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों को दण्डित करने, पूरी परीक्षा की सीबीआई जांच कराने के हाईकोर्ट के आदेश को लागू करने, प्रदेश में रिक्त पड़े सभी पदों को भरने, सभी आयोगों को नियमित करने के सवाल पर छात्रों का विधानसभा पर प्रदर्शन होना था।


आंदोलन में शामिल रोजगार मांगे इंडिया के सदस्य सुनील मौर्य ने कहा कि पुलिस प्रतियोगी छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज कर रही थी। बिना महिला पुलिस के छात्राओं पर पुरुष पुलिस ने लाठीचार्ज किया, हाथापाई की . प्रतियोगी छात्र-छात्राएं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग को लेकर लगातार आंदोलनरत हैं लेकिन योगी सरकार अपने द्वारा लाये हुए अध्यादेश को मानने को तैयार नहीं है. छात्रों का कहना है कि सरकार छात्र हित को ध्यान में रखते हुए कट ऑफ को 30-33% परसेंट कर दे ताकि सभी छात्रों को न्याय मिल सके.

उन्होंने कहा कि सरकार सभी रिक्त पदों को भरने की बात करके सत्ता में आई थी. सत्ता में आने के बाद कोई एग्जाम है ऐसा नहीं है जिसमें भ्रष्टाचार और पेपर लीक के मामले सामने ना आए हों. इस भर्ती में भी व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार उजागर हुआ है जिसके चलते हाईकोर्ट ने इस पूरी परीक्षा पर सीबीआई जांच बैठा दी लेकिन सरकार सीबीआई जांच कराने के बजाय इसको रोकना चाहती है.


इससे साफ है कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और अपनी चुनावी राजनीति को बचाने में जुटी हुई है. आंदोलन में शामिल आइसा नेता शैलेश पासवान ने कहा कि छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज किया जाए और उन पर कार्रवाई हो.

लखनऊ के छात्र नेता नितिन राज ने कहा कि सरकार छात्रों को रोजगार देने के बजाय लाठी दे रही है. इसका जवाब 2019 के चुनाव में नौजवान पूरी तरीके से देगा. भाजपा सरकार जुमलेबाजी में मशगूल है, छात्रों के बार बार प्रदर्शन के बावजूद उनकी समस्याओं को सही तरीके से निस्तारित करने में तत्पर दिखाई नहीं देती.

मुख्यमंत्री महोदय को चुनावी सभाओं में जितनी व्यस्तता होती है उतना युवाओं के भविष्य के बारे में नहीं. रोजगार मांगे इंडिया मांग करता है कि कट ऑफ 30-33 परसेंट को लागू किया जाए, दोषी पुलिस अधिकारियों को दंडित किया जाए तथा 68500 अध्यापकों की नियुक्ति में हुए भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच की जाए. हाई कोर्ट के आदेश को लागू किया जाए और नौजवानों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए रोजगार गारंटी कानून लाया जाए.

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One Thought to “रोजगार के सवाल पर लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस का बर्बर लाठी चार्ज”

  1. Aman Ratia

    भाजपा बगाओ देश बचाओ

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