Author - प्रेमशंकर सिंह

स्मृति

काल से होड़ लेता प्रेम और मुक्ति का कवि

शमशेर जी की एक कविता है 'काल तुझसे होड़ है मेरी'। जिन्हें यह यकीन हो कि मनुष्य अपने श्रम और संघर्ष से काल के प्रवाह को...

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साहित्य-संस्कृति

लोक और जन की आवाज़ : त्रिलोचन और मुक्तिबोध

मिथिला विश्वविद्यालय  में मुक्तिबोध-त्रिलोचन जन्म शताब्दी पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन मिथिला...

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