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New York City
January 18, 2020

Author : बजरंग बिहारी तिवारी

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जेरे बहस

साम्प्रदायिकता का प्रश्न और दलित स्त्री कविता

राजनीति से दलित साहित्य की दूरी कभी नहीं रही| धर्म और संस्कृति के क्षेत्र में वर्णवादी जकड़न से जूझते हुए दलित साहित्य ने राजनीति के...
जनमत स्मृति

‘ रुको कि अभी शेष है जिंदगी की जिजीविषा, प्राण और सांस, शेष है धरती, आकाश और क्षितिज ’

  (वरिष्ठ रचनाकार और आदिवासी, दलित और स्त्री मुद्दों पर सक्रिय रहीं सामाजिक कार्यकर्ता रमणिका गुप्ता (22.4.1929 – 26.3.2019) के निधन पर जन संस्कृति मंच...
खबर

सावित्री बाई फुले के जन्मदिन पर कार्यक्रम आयोजित

  भारत की प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले का जन्म दिन तीन जनवरी को पड़ता है। इस अवसर पर दलित लेखक संघ (दलेस) तथा आंबेडकर विश्वविद्यालय...
साहित्य-संस्कृति

गुजराती दलित साहित्य : बजरंग बिहारी तिवारी

गुजराती दलित साहित्य की नींव मजबूत है. उसकी उपलब्धियां गौरवपूर्ण हैं. उसका वर्तमान समृद्ध प्रतीत होता है. लेकिन, अपने भविष्य को लेकर उसे ज्यादा सावधान...