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अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) का छठा राष्ट्रीय सम्मेलन 19-20 नवंबर को जहानाबाद में

पटना. भाकपा-माले से संबद्ध अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) का छठा राष्ट्रीय सम्मेलन 19-20 नवंबर को जहानाबाद में होगा.

पटना में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए खेग्रामस के राष्ट्रीय महासचिव का. धीरेन्द्र झा ने कहा कि यह सम्मेलन ‘मजदूर-किसानों ने ठाना है, लुटेरी मोदी सरकार को भगाना है’ के केंद्रीय नारे के साथ हो रहा है. सम्मेलन के अवसर पर जहानाबाद के गांधी मैदान में भाजपा भगाओ-गरीब बचाओ रैली भी आयोजित होगी, जिसे भाकपा-माले के महासचिव काॅ. दीपंकर भट्टाचार्य मुख्य वक्ता के बतौर संबोधित करेंगे. सम्मेलन में प्रख्यात अर्थशास्त्री ज्यां ड्रेज, एएन सिन्हा के पूर्व निदेशक डीएम दिवाकर, आशीष रंजन आदि अर्थशास्त्री भी शिरकत करेंगे. दलित और आदिवासी अधिकार आंदोलन के कई संगठनों को भी सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है.

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सम्मेलन जहानाबाद में हो रहा है जो खेतिहर मजदूरों व गरीब किसानों के क्रांतिकारी आंदोलन की धरती रही है. इस सम्मेलन से उस आंदोलन को और बल मिलेगा.

का. धीरेन्द्र झा ने आगे कहा कि मोदी राज में गांव व गरीबों की स्थिति बद से बदतर हुई है. नोटबंदी ने कृषि मजदूरों व गरीब किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर काफी नकारात्मक असर डाला है. बेरोजगारी आज चरम पर है. एक बार फिर भूख से हो रही मौतों का भूगोल विस्तृत हुआ है. बगल के राज्य भाजपा शासित झारखंड में अब तक कई भूख से मौतों का उदाहरण हमारे सामने है. देश को लूटने वाले विदेश भाग जा रहे हैं और भगोड़ों को सरकारी संरक्षण देने का खेल चल रहा हे. इन संकटों का बोझ गांव, गरीबों और मजदूर-किसानों पर लाद दिया गया है. बिहार में आज गरीबों को वास-चास की जमीन देने की बजाए भाजपा-जदयू राज में हर जगह से उजाड़ा जा रहा है. जैसे कोई गरीब उजाड़ो अभियान चल रहा हो. ये सब हमारे राष्ट्रीय सम्मेलन के मुद्दे होंगे.

सम्मेलन में इन मुद्दों के अलावा देश-परदेश में मजदूरों की सुरक्षा व सम्मान की गारंटी हेतु केंद्रीय कानून बनाने, सबों के लिए राशन-रोजगार व पेंशन की गारंटी करने, बच्चे-बच्चियों के लिए समान व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था करने आदि मांगों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा.

कहा कि सम्मेलन व रैली से केंद्र की मोदी सरकार व बिहार की भाजपा-जदयू सरकार के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का ऐलान होगा.

धीरेंद्र झा ने कहा कि खेग्रामस का 20 लाख सदस्यता के आधार पर यह 6ठा सम्मेलन हो रहा है। सम्मेलन में चम्पारण, दरभंगा, बेगूसराय, गया, पटना समेत पूरे देश में गरीबों-दलितों-आदिवासियों को चास-वास से उजाड़ने की मुहिम के खिलाफ आंदोलनात्मक रणनीति पर चर्चा होगी। संगठन द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में कहा गया है कि हदबंदी की सीमा कम करते हुए भूमिसुधार लागू हो, बेतिया राज़ की जमींदारी का सरकार अधिग्रहण करे, नया बटाईदारी कानून बने, आवास के अधिकार को संवैधानिक दर्जा मिले तथा काले धन-काली सम्पत्ति को जब्त करने को लेकर अधिकतम दो प्लाट-दो जगहों पर मकान की सीमा निर्धारित करने को लेकर कानून बने।

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