मानव रहित रेल क्रासिंग पर स्कूली वैन की पैसेंजर ट्रेन से टक्कर, 13 बच्चों की मौत

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कुशीनगर. कुशीनगर जिले के दुदही क्षेत्र से दिल दहला देने वाली एक घटना में आज सुबह दुदही रेलवे स्टेशन के पास बहपुरवा रेलवे क्रासिंग पर पैसेंजर ट्रेन से स्कूली वैन टकरा गई जिसमें 13 बच्चों की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल चार बच्चों और वैन ड्राईवर को इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर में भर्ती कराया गया है

घटना सुबह 7 बजे की है.  मिली जानकारी के अनुसार डिवाइन मिशन स्कूल के बच्चे स्कूली वैन पर सवार होकर स्कूल जा रहे थे। स्कूली वैन बहपुरवा के मानव रहित क्रासिंग को पार कर रही थी कि पैसेंजर ट्रेन (55075) आ गई और वैन के परखच्चे उड़ गए. पैसेंजर ट्रेन सीवान से गोरखपुर जा रही थी. इस घटना में अब तक 13 बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है. बच्चों के शवों को  जिला मुख्यालय पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.

दुदही रेलवे स्टेशन के पास बहपुरवा रेलवे क्रासिंग मानव रहित क्रासिंग है. मानव रहित समपार फाटकों पर बढ़ते हादसों को देखते हुए पूर्वोत्तर रेलवे ने वहां पर गेट मित्र तैनात किए हैं. ये गेट मित्र ठेके पर तैनात हैं. इनकी 12-12 घंटे की शिफ्टवार ड्यूटी होती है और अधिकतर ये स्थानीय लोग होते हैं. इनका काम मानव रहित क्रासिंग पर ट्रेनों की आवाजाही के समय लोगों और वाहनों को क्रांसिंग पार करने से रोकना है.

मानव रहित क्रासिंग पर गेट मित्रों की तैनाती दो वर्ष पूर्व हुई थी। इससे मानव रहित समपार फाटकों पर दुर्घटनाओं में कमी भी आई थी।

पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जन सम्पर्क अधिकारी संजय यादव ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे में 600 से अधिक मानव रहित समपार फाटक हैं जहां पर गेट मित्रों की तैनाती की गई है।

आज जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहां पर गेट मित्र तैनात था। उसने ट्रेन के आते वक्त जब स्कूली वैन को क्रासिंग की तरफ आता देखा तो उसे रोकने की कोशिश की.  ड्राइवर ट्रेन को  देख हड़बड़ा गया और उसने वैन की स्पीड बढ़ानी चाही तभी वैन बंद हो गई और ट्रेन ने उसे टक्कर मार दी. यह भी कहा जा रहा है कि ड्राईवर ने कान में इयर फोन लगा रखा था , इसलिए गेट मित्र की चेतावनी नहीं सुन सका.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने घटना स्थल, पडरौना स्थित जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कालेज का दौरा किया और मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात की और घायलों का हालचाल लिया.

प्रदेश सरकार और रेल मंत्रालय ने मृत बच्चों के परिजनों को दो -दो लाख रूपये की सहायता देने की घोषणा की है.गोरखपुर के कमिश्नर अनिल कुमार को घटना की जाँच सौंपी गई है.

दुदही रेलवे स्टेशन के पास बहपुरवा मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर आज हुए हासदे में मरे 13 बच्चों में से तीन बच्चे एक ही परिवार के हैं. इसके अलावा तीन परिवारों ने अपने घर के दो-दो बच्चों को इस हादसे में खो दिया.

दुदही क्षेत्र के मिश्रौली गांव के दलित ग्राम प्रधान अमरजीत प्रसाद के दो बेटे और एक बेटी की इस घटना में मौत हो गई। अमरजीत प्रसाद के तीन बच्चे-रवि (12), संतोष (10) और रागिनी (7) डिवाइन मिशन स्कूल में पढ़ते थे। तीनों बच्चे एक साथ स्कूली वैन में सवार हुए थे.

मैहिरवा गांव के चार बच्चों की इस घटना में मौत हुई है. इनमें से मिराज और मुस्कान एक ही परिवार के थे। बतरौली गांव निवासी हसन की दो बेटियों-साजिदा और तमन्ना की भी इस हादसे में मौत हो गई.

मृत बच्चों की सूची

1    हरिओम          8    अम्बर सिंह             बतरौली
2    संतोष            10    अमरजीत प्रसाद    मिश्रौली
3    रवि                12    अमरजीत प्रसाद    मिश्रौली
4    रागिनी           7    अमरजीत प्रसाद    मिश्रौली
5    अतिउल्लाह    8    नौशाद                 कोकिला पट्टी
6    अर्शद             9    जहीर                       मैहिरवा
7    अनस नरोड़    8    नजीर                      मैहिरवा
8    गोलू               8    हैदर अली               पडरोन मुडरई
9    कमरूल          10    हैदर अली              पडरोन मुडरइ
10    साजिदा        11    हसन                      बतरौली
11    तमन्ना        10    हसन                      बतरौली
12    मिराज          8    मैनुद्दीन                    मैहिरवा
13    मुस्कान        7    मैनुद्दीन                    मैहिरवा

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