फर्जी डिग्री केस में डूसू अध्यक्ष का नामांकन रद्द करने की मांग को लेकर वीसी और डीएसडब्ल्यू का घेराव

नई दिल्ली.  आइसा के नेतृत्व में दिल्ली विश्विद्यालय के सैकड़ों छात्रों ने आज फर्जी डिग्री के आधार पर डूसू अध्यक्ष अंकिव बसोया के हुए नामांकन को रद्द करने और उसके ऊपर अपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर डीयू वीसी और डीएसडब्ल्यू का घंटों घेराव किया। नामांकन और चुनाव स्क्रूटनी के जाँच प्रक्रिया को धता बताते हुए और अपने राजनीतिक पहुंच के धौंस पर अंकिब बसोया ने तिरुवल्लुर यूनिवर्सिटी से बीए की फ़र्ज़ी डिग्री (जिसको तिरुवल्लुर यूनिवर्सिटी समाचार पत्रों में घोषणा भी कर चुकी है) के आधार पर डीयू…

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‘ मोदी सरकार ने हर मोर्चे पर किसानों और देश की जनता से धोखा किया है ’

  सोनीपत (हरियाणा).  अखिल भारतीय किसान महासभा की राष्ट्रीय परिषद की दो दिवसीय बैठक आज हरियाणा के सोनीपत स्थित सर छोटूराम धर्मशाला में शुरू हुई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड रुलदू सिंह ने की। बैठक की शुरुआत करते हुए किसान महासभा के राष्ट्रीय महासचिव कामरेड राजाराम सिंह ने कहा कि मोदी राज में रफाल महा घोटाला और सीबीआई तख्ता पलट की घटनाओं ने साबित कर दिया है कि यह सरकार कानून और संविधान के प्रावधानों का खुला उल्लंघन कर रही है। इस सरकार के रहते देश का…

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समानता का नया यूटोपिया रचती है ‘ देह ही देश ‘ – अनामिका

हिन्दू कालेज में प्रोफ़ेसर गरिमा श्रीवास्तव की किताब ‘ देह ही देश ‘ पर परिसंवाद  डॉ रचना सिंह   दिल्ली। ”देह ही देश” केवल यूरोप की स्त्री का संसार नहीं है बल्कि दर्द और संघर्ष का यह आख्यान अपनी सार्वभौमिकता के कारण बहुपठनीय बन गया है। सुप्रसिद्ध कवि-कथाकार अनामिका हिन्दू कालेज में ‘देह ही देश’ पर आयोजित एक परिसंवाद में कहा कि युवा विद्यार्थियों के बीच इस किताब पर गंभीर चर्चा होना यह विश्वास जगाता है कि स्त्री पुरुष समानता का यूटोपिया अभी बचा हुआ है और गरिमा श्रीवास्तव जैसे लेखक…

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रमाकांत द्विवेदी ‘रमता’ : क्रांति की रागिनी का गायक

101 वीं जयंती 30 अक्टूबर 2018 एक आलेख   ‘क्रांति के रागिनी हम त गइबे करब/ केहू का ना सोहाला त हम का करीं’, ‘हमनी देशवा के नया रचवइया हईं जा/ हमनी साथी हई, आपस में भइया हईं जा’, ‘राजनीति सब के बूझे के, बूझावे के परी/ देश फंसल बाटे जाल में, छोड़ावे के परी’, ‘अइसन गांव बना दे जहंवा अत्याचार ना रहे/ जहां सपनों में जालिम जमींदार ना रहे’, ‘जीने के लिए कोई बागी बने, धनवान इजाजत ना देगा/ कोई धर्म इजाजत ना देगा, भगवान इजाजत ना देगा’, ‘जगत…

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