रामनरेश राम : किसानों की मुक्ति के प्रति प्रतिबद्ध एक क्रांतिकारी कम्युनिस्ट

( बिहार के आरा में अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से 26 अक्टूबर को ‘ भाजपा भगाओ किसान बचाओ रैली’ होने वाली है। यह रैली भोजपुर के क्रांतिकारी किसान आंदोलन के शिल्पकारों में से एक कामरेड रामनरेश राम की आठवीं बरसी के मौके पर हो रही है. ) किसान-मजदूरों, दलित-वंचित-उत्पीड़ित समुदायों और लोकतंत्रपसंद लोगों के पसंदीदा नेता, 60 के दशक के लोकप्रिय मुखिया और 1995 से लगातार तीन बार विधायक रहने वाले अत्यंत ईमानदार और जनप्रिय विधायक का. रामनरेश राम का पूरा जीवन एक प्रतिबद्ध क्रांतिकारी कम्युनिस्ट का जीवन था।…

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संघ-हिन्दू महासभा द्वारा आज़ाद हिन्द फौज के साथ किये गये विश्वासघात की लीपापोती कर रहे हैं मोदी

जो लोग नेताजी और उनके साथियों और भारत की आज़ादी के लिये अपना सर्वाेत्तम निछावर कर देनेवाले आज़ाद हिन्द फौज के नायकों और सिपाहियों से प्यार करते हैं उन्हें यह माँग करनी चाहिये कि मोदी लाल किले से नेताजी और उनकी आज़ाद हिन्द फौज के प्रति आर.एस.एस. और हिन्दू महासभा दोनों ने जो अपराध किये हैं, उनके लिये वह माफ़ी माँग लें।

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कुछ रंग इश्क के, कुछ इंकलाब के

साहिर के इंकलाबी सुर नारों की शक्ल में उतने नहीं निकलते जितने त्रासदी के ज़बरदस्त अहसास से। यह बात बहुत मायने रखती है। अपने हालात की त्रासदी का तीखा अहसास ही इंसान को प्रेरित करता है ज़िंदगी की कुछ अलग सूरतें तलाशने को। यह तलाश, यह जद्दोजहद – इंकलाब का ख़्वाब इसी से तो गढ़ा जाता है।

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महिलाओं, दलितों, अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों के खिलाफ महिला संगठनों ने धरना दिया

लखनऊ. “ डरें……. कि आप उ.प्र. में हैं ” के बैनर के साथ 23 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश की चरमराती कानून व्यवस्था एवं उसके चलते महिलाओं, बच्चियों, दलितों, अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों के खिलाफ एडवा, भारतीय महिला फेडरेशन, एपवा व हमसफर संस्था के संयुक्त तत्वावधान में गाँधी मूर्ति जी.पी.ओ. पर महिलाओं ने धरना दिया. धरने के समर्थन में शहर के कई सामाजिक संगठन, जनसंगठन एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की. यह धरना उ.प्र. में पिछले कुछ समय से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हो रही हिंसा की वीभत्स घटनाओं…

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कल और आएंगे नग़मों की खिलती कलियां चुनने वाले

(आज मशहूर शायर और गीतकार साहिर लुधियानवी की पुण्य तिथि है । इस मौके पर साहिर साहब को याद कर रहे हैं रंगकर्मी महदी हुसैन) महदी हुसैन साहिर का मतलब होता है जादू करने वाला, यकीनन साहिर एक जादूगर ही था, उसका जादू ज़माने के सर चढ़कर बोला, उसके हर गीत आज भी ज़िन्दा दिलों को अपनी ओर खींचने की ताकत रखते हैं – ये रात ये चांदनी फिर कहाँ, मन रे तू काहे न धीर धरे, अभी न जाओ छोड़के, वो सुबह कभी तो आएगी, मैं ज़िन्दगी का साथ निभाता…

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