स्टैच्यू ऑफ यूनिटी नहीं, यह स्टैच्यू ऑफ डिस्प्लेसमेंट है

शशांक मुकुट शेखर सरकार हजारों आदिवासियों की मृत्यु का जश्न मनाने की तैयारियों में तल्लीन है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का अनावरण करने वाले हैं. प्रतिमा के भव्य अनावरण के लिए जोरशोर से तैयारियां चल रही है. हेलिकॉप्टर से फूलों की बारिश की जानी है. और भी तमाम तरह के तामझाम होने वाले हैं. देशभर से कलाकारों को बुलाया जा रहा है. सरकार अनावरण समारोह को एक जश्न की तरह मनाने के सारे जुगत करने में लगी है. मगर इसी दिन…

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फर्जी डिग्री केस में डूसू अध्यक्ष का नामांकन रद्द करने की मांग को लेकर वीसी और डीएसडब्ल्यू का घेराव

नई दिल्ली.  आइसा के नेतृत्व में दिल्ली विश्विद्यालय के सैकड़ों छात्रों ने आज फर्जी डिग्री के आधार पर डूसू अध्यक्ष अंकिव बसोया के हुए नामांकन को रद्द करने और उसके ऊपर अपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर डीयू वीसी और डीएसडब्ल्यू का घंटों घेराव किया। नामांकन और चुनाव स्क्रूटनी के जाँच प्रक्रिया को धता बताते हुए और अपने राजनीतिक पहुंच के धौंस पर अंकिब बसोया ने तिरुवल्लुर यूनिवर्सिटी से बीए की फ़र्ज़ी डिग्री (जिसको तिरुवल्लुर यूनिवर्सिटी समाचार पत्रों में घोषणा भी कर चुकी है) के आधार पर डीयू…

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‘ मोदी सरकार ने हर मोर्चे पर किसानों और देश की जनता से धोखा किया है ’

  सोनीपत (हरियाणा).  अखिल भारतीय किसान महासभा की राष्ट्रीय परिषद की दो दिवसीय बैठक आज हरियाणा के सोनीपत स्थित सर छोटूराम धर्मशाला में शुरू हुई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड रुलदू सिंह ने की। बैठक की शुरुआत करते हुए किसान महासभा के राष्ट्रीय महासचिव कामरेड राजाराम सिंह ने कहा कि मोदी राज में रफाल महा घोटाला और सीबीआई तख्ता पलट की घटनाओं ने साबित कर दिया है कि यह सरकार कानून और संविधान के प्रावधानों का खुला उल्लंघन कर रही है। इस सरकार के रहते देश का…

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समानता का नया यूटोपिया रचती है ‘ देह ही देश ‘ – अनामिका

हिन्दू कालेज में प्रोफ़ेसर गरिमा श्रीवास्तव की किताब ‘ देह ही देश ‘ पर परिसंवाद  डॉ रचना सिंह   दिल्ली। ”देह ही देश” केवल यूरोप की स्त्री का संसार नहीं है बल्कि दर्द और संघर्ष का यह आख्यान अपनी सार्वभौमिकता के कारण बहुपठनीय बन गया है। सुप्रसिद्ध कवि-कथाकार अनामिका हिन्दू कालेज में ‘देह ही देश’ पर आयोजित एक परिसंवाद में कहा कि युवा विद्यार्थियों के बीच इस किताब पर गंभीर चर्चा होना यह विश्वास जगाता है कि स्त्री पुरुष समानता का यूटोपिया अभी बचा हुआ है और गरिमा श्रीवास्तव जैसे लेखक…

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रमाकांत द्विवेदी ‘रमता’ : क्रांति की रागिनी का गायक

101 वीं जयंती 30 अक्टूबर 2018 एक आलेख   ‘क्रांति के रागिनी हम त गइबे करब/ केहू का ना सोहाला त हम का करीं’, ‘हमनी देशवा के नया रचवइया हईं जा/ हमनी साथी हई, आपस में भइया हईं जा’, ‘राजनीति सब के बूझे के, बूझावे के परी/ देश फंसल बाटे जाल में, छोड़ावे के परी’, ‘अइसन गांव बना दे जहंवा अत्याचार ना रहे/ जहां सपनों में जालिम जमींदार ना रहे’, ‘जीने के लिए कोई बागी बने, धनवान इजाजत ना देगा/ कोई धर्म इजाजत ना देगा, भगवान इजाजत ना देगा’, ‘जगत…

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डीटीसी कर्मचारियों की ऐतिहासिक हड़ताल, वापस लेना पड़ा वेतन कटौती का सर्कुलर

एस्मा के बावजूद हज़ारों कर्मचारी हड़ताल पर रहे नई दिल्ली. ऐक्टू (AICCTU) से सम्बद्ध डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर द्वारा बुलाए गए व डीटीसी वर्कर्स यूनियन (एटक) एवं डीटीसी एम्प्लाइज कांग्रेस (इंटक) द्वारा समर्थित एक दिवसीय हड़ताल ने आज दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के पहियों को बुरी तरीके से जाम कर दिया. दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के 11 हज़ार से ज्यादा अनुबंधित कर्मचारियों और कई स्थाई कर्मचारियों ने हड़ताल में हिस्सा लिया. हड़ताल की मुख्य मांगों में से एक मांग को हड़ताल के ठीक एक दिन पहले डीटीसी प्रबंधन द्वारा मान…

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कोरस के सालाना कार्यक्रम ‘अजदिया भावेले’ में रजिया सज्जाद ज़हीर की कहानियों का पाठ एवं मंचन

28 अक्टूबर, पटना आज कोरस के सालाना कार्यक्रम ‘अजदिया भावेले’ की शृंखला में इस बार साहित्यकार, नाट्यकर्मी व एक्टिविस्ट रज़िया सज़्ज़ाद ज़हीर के जन्म-शती वर्ष पर उनकी कहानियों का पाठ एवं मंचन का आयोजन किया गया। भारतीय उपमहाद्वीप में प्रगतिशील धारा के साहित्य पर कोई भी बातचीत रज़िया सज्जाद ज़हीर के बिना मुक़म्मल नहीं होगी।उनकी कहानियां अविभाजित भारत के साम्राज्यवाद-विरोधी व साम्प्रदायिकता-विरोधी मूल्यों को बढ़ानेवाली व आम जन के मार्मिक व संवेदनशील संदर्भ की हैं ।उनकी कहानियों में देश के विभाजन का दर्द मुखर होकर सामने आता है। कार्यक्रम की…

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दलित-बहुजन बौद्धिकता के विमर्श का दमन है प्रो. कांचा इलैया की पुस्तकों को पाठ्यक्रम से हटाना

नई दिल्ली. जन संस्कृति मंच ने दिल्ली विश्वविद्यालय की स्टैंडिंग कमिटी द्वारा प्रो. कांचा इलैया की पुस्तकों को एम.ए राजनीति विज्ञान के पाठ्यक्रम से हटाए जाने की निंदा करते हुए इसे भारत में उभर रही दलित-बहुजन बौद्धिकता के विमर्श का दमन बताया है. जसम की ओर से रामनरेश राम द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि पिछले दिनों दिल्ली विश्वविद्यालय कि स्टैंडिंग कमिटी ने अपनी मीटिंग में यह प्रस्ताव पास किया है कि कांचा इलैया की तीन किताबें ‘मैं हिन्दू क्यों नहीं हूँ ’, ‘ पोस्ट हिन्दू इंडिया’ ,…

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प्रेम के बहाने एक अलग तरह का सामाजिक विमर्श रचती पल्लवी त्रिवेदी की कविताएँ

निरंजन श्रोत्रिय   युवा कवयित्री पल्लवी त्रिवेदी की कविताओं को महज़ ‘प्रेम कविताएँ’ या रागात्मकता की कविताएँ कहने में मुझे ऐतराज़ है। पल्लवी की विलक्षण काव्य-प्रतिभा प्रेम के बहाने एक अलग तरह का सामाजिक विमर्श रचती हैं जिसमें स्त्री-विमर्श, पुरूष का अहं, रिश्तों की संरचना और मनोभावों के उदात्त स्वरूप सभी कुछ सम्मिलित हैं। प्रेम को परिभाषित करना वैसे भी दुष्कर है। उसे अनिर्वचनीय कहा गया है। वह ‘मूकास्वादनवत्’ एवं ‘सूक्ष्मतरमनुभव स्वरूपम्’ है। प्रेम की प्रक्रिया का विकास स्थूल से सूक्ष्म और व्यष्टि से समष्टि की ओर होता है। युवा…

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एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश का परिणाम है मोहम्मद अज़ीम की हत्या

दिल्ली के मालवीय नगर में मोहम्मद अज़ीम की हत्या पर सीपीआईएमएल, सीपीएम, आइसा, एडवा की तथ्यान्वेषी रपट नई दिल्ली. 25 अक्टूबर को मालवीय नगर के 8 साल के एक बच्चे मोहम्मद अज़ीम  की हत्या बच्चों के ही एक समूह ने पीट-पीटकर कर दी. मोहम्मद अज़ीम मालवीय नगर इलाके के लिए जामिया फरीदया मदरसा में पढ़ाई कर रहा था. बेहद गरीब पृष्ठभूमि के उन 70 बच्चों में से वह एक था जो उस मदरसे में पढ़ते थे. मोहम्मद अज़ीम की हत्या की खबर सत्तारूढ़ भाजपा और आरएसएस द्वारा चलाई जा रही मुस्लिम -विरोधी…

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डीटीसी कर्मचारियों की हड़ताल को कई संगठनों का समर्थन मिला

नई दिल्ली.  डीटीसी कर्मचारियों की 29 अक्टूबर को होने वाली हड़ताल को हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों के साथ -साथ कई ट्रेड यूनियनों, शिक्षक संगठनों , विभिन्न महिला संगठनों, सांस्कृतिक कर्मियों तथा सिविल सोसाइटी प्रतिनिधियों का साथ मिला है. आज डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर (ऐक्टू) द्वारा आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में इन संगठनों ने समर्थन की घोषणा की. दिल्ली परिवहन निगम में डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर(ऐक्टू) ने 29 अक्टूबर को एक दिवसीय हड़ताल का नोटिस दिया है जिसे अन्य यूनियनों – डीटीसी वर्कर्स यूनियन (एटक) और डीटीसी एम्प्लाइज कांग्रेस (इंटक) ने अपना समर्थन…

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किसानों पर बुलेट और बुलडोजर चला रही है मोदी सरकार

‘ भाजपा भगाओ, किसान बचाओ रैली ’ और अखिल भारतीय किसान महासभा का राज्य सम्मेलन आरा (बिहार ). भोजपुर किसान आंदोलन के शिल्पकार और सामाजिक बदलाव के महानायक का. रामनरेश राम की आठवीं बरसी के मौके पर 26 अक्टूबर को आरा में ‘ भाजपा भगाओ, किसान बचाओ रैली ’ आयोजित की गई। जगदीश मास्टर-रामेश्वर यादव मैदान (वीर कुंवर सिंह स्टेडियम), रामनरेश राम नगर (आरा) में आयोजित इस रैली में आए हजारों किसानों की सभा को मुख्य रूप से भाकपा-माले के राष्ट्रीय महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य, अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव…

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अगर कहीं मैं तोता होता, तो क्या होता ?

कई दशक पहले एक हिन्दी कवि ने एक कविता लिखी थी ‘अगर कहीं मैं तोता होता, तो क्या होता ?’ पांच वर्ष पहले सुप्रीम कार्ट ने सी बी आई को, जो देश की बसे बड़ी जांच एजेन्सी है, पिंजड़े में बन्द तोता कहा था। केन्द्रीय जांच ब्यूरों यानी सीबीआई के पूर्व निदेशक जोगेन्द्र सिंह ने 1996-97 में करीब बीस वर्ष पहले ही यह कहा था कि राजनीतिक वर्ग कभी इस संस्था को स्वतंत्रता नहीं देगा। सी बी आई का सिद्धान्त है – उद्योग, निष्पक्षता और ईमानदारी। 1941 में इसका गठन…

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मिर्जापुर के सरकारी अस्पताल में लापरवाही से गर्भवती महिला की मौत, आन्दोलन करने पर 20 पर केस

स्वास्थ्य केंद्रों के अंदर अप्रशिक्षित एनम कर रही हैं गर्भवती महिलाओं की हत्या, घटना के 10 दिन बाद भी नहीं मिला कलावती के परिवार को न्याय, छह महीने में इस अस्पताल में आधा दर्जन महिलाओं की हो चुकी है मौत मिर्जापुर. मड़िहान तहसील बहुत कम आबादी वाला मिर्जापुर जिले का पहाड़ी इलाका है. इलाके में अधिकतर गरीब मजदूर परिवार ही बसे हैं। विगत 14 अक्टूबर को क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की लापरवाही और एएननम द्वारा गलत ढंग से प्रसव कराने के चलते कलावती मौर्य और उसके गर्भ…

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रामनरेश राम : किसानों की मुक्ति के प्रति प्रतिबद्ध एक क्रांतिकारी कम्युनिस्ट

( बिहार के आरा में अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से 26 अक्टूबर को ‘ भाजपा भगाओ किसान बचाओ रैली’ होने वाली है। यह रैली भोजपुर के क्रांतिकारी किसान आंदोलन के शिल्पकारों में से एक कामरेड रामनरेश राम की आठवीं बरसी के मौके पर हो रही है. ) किसान-मजदूरों, दलित-वंचित-उत्पीड़ित समुदायों और लोकतंत्रपसंद लोगों के पसंदीदा नेता, 60 के दशक के लोकप्रिय मुखिया और 1995 से लगातार तीन बार विधायक रहने वाले अत्यंत ईमानदार और जनप्रिय विधायक का. रामनरेश राम का पूरा जीवन एक प्रतिबद्ध क्रांतिकारी कम्युनिस्ट का जीवन था।…

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संघ-हिन्दू महासभा द्वारा आज़ाद हिन्द फौज के साथ किये गये विश्वासघात की लीपापोती कर रहे हैं मोदी

जो लोग नेताजी और उनके साथियों और भारत की आज़ादी के लिये अपना सर्वाेत्तम निछावर कर देनेवाले आज़ाद हिन्द फौज के नायकों और सिपाहियों से प्यार करते हैं उन्हें यह माँग करनी चाहिये कि मोदी लाल किले से नेताजी और उनकी आज़ाद हिन्द फौज के प्रति आर.एस.एस. और हिन्दू महासभा दोनों ने जो अपराध किये हैं, उनके लिये वह माफ़ी माँग लें।

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कुछ रंग इश्क के, कुछ इंकलाब के

साहिर के इंकलाबी सुर नारों की शक्ल में उतने नहीं निकलते जितने त्रासदी के ज़बरदस्त अहसास से। यह बात बहुत मायने रखती है। अपने हालात की त्रासदी का तीखा अहसास ही इंसान को प्रेरित करता है ज़िंदगी की कुछ अलग सूरतें तलाशने को। यह तलाश, यह जद्दोजहद – इंकलाब का ख़्वाब इसी से तो गढ़ा जाता है।

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महिलाओं, दलितों, अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों के खिलाफ महिला संगठनों ने धरना दिया

लखनऊ. “ डरें……. कि आप उ.प्र. में हैं ” के बैनर के साथ 23 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश की चरमराती कानून व्यवस्था एवं उसके चलते महिलाओं, बच्चियों, दलितों, अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों के खिलाफ एडवा, भारतीय महिला फेडरेशन, एपवा व हमसफर संस्था के संयुक्त तत्वावधान में गाँधी मूर्ति जी.पी.ओ. पर महिलाओं ने धरना दिया. धरने के समर्थन में शहर के कई सामाजिक संगठन, जनसंगठन एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की. यह धरना उ.प्र. में पिछले कुछ समय से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हो रही हिंसा की वीभत्स घटनाओं…

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कल और आएंगे नग़मों की खिलती कलियां चुनने वाले

(आज मशहूर शायर और गीतकार साहिर लुधियानवी की पुण्य तिथि है । इस मौके पर साहिर साहब को याद कर रहे हैं रंगकर्मी महदी हुसैन) महदी हुसैन साहिर का मतलब होता है जादू करने वाला, यकीनन साहिर एक जादूगर ही था, उसका जादू ज़माने के सर चढ़कर बोला, उसके हर गीत आज भी ज़िन्दा दिलों को अपनी ओर खींचने की ताकत रखते हैं – ये रात ये चांदनी फिर कहाँ, मन रे तू काहे न धीर धरे, अभी न जाओ छोड़के, वो सुबह कभी तो आएगी, मैं ज़िन्दगी का साथ निभाता…

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रफ़ाल विमानों की ख़रीद में घोटाले के ख़िलाफ़ वामपंथी दलों ने आयोजित की जन सुनवाई

श्वेता राज   सभी वामपंथी पार्टियों को तरफ से आज मावलंकर हॉल में रफ़ाल घोटाले पर जन सुनवाई हुई। इस कार्यक्रम में दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों, छात्रों व आम नागरिकों ने भाग लिया। जन सुनवाई को विभिन्न वामपंथी पार्टियों के राष्ट्रीय नेताओं, कार्यकर्ता वकील तथा अन्य लोगों ने संबोधित किया। दिल्ली साइंस फोरम से डी. रघुनंदन, राफेल घोटाले को सबसे पहले सामने लाने वाले चर्चित पत्रकार रवि नायर भी जन सुनवाई में उपस्थित थे, जिन्होंने काफ़ी विस्तार से इस पर बात रखी। वकील प्रशांत भूषण ने…

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