जनसंस्कृति की वाहक कला और सपना सिंह की रचना

” द ट्रु आॅफ हाफ वर्ल्ड “ सपना सिंह के, एक चित्रण श्रृंखला का शीर्षक है.  इस तरह के विषय के चयन की परंपरा चित्रकला जगत में लगभग नहीं रही है. बिल्कुल इस सदी में कुछ चित्रकारों ने इस तरह के विषय केन्द्रित चित्रण की शुरुआत की. आम तौर पर कला की शिक्षा देने वाले हमारे विश्वविद्यालय, तमाम रचनात्मक संभावनाओं को विधिवत् कूट पीस कर एक ऐसा ड्राफ्टमैन बना डालते हैं, जिसे अपनी सृजनात्मकता हासिल करने में एक लंबा वक्त लगता है. बल्कि बहुत तो एक टूटपूंजिया कारीगरी में ही…

Read More

मार्क्स और हमारा समय

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी ( मार्क्सवादी-लेनिनवादी) ने नयी दिल्ली स्थित उर्दू घर में 19 मई के दिन ‘ मार्क्स और हमारा समय ’ शीर्षक से एक आम सभा का आयोजन किया. छात्रों, श्रमिकों, बुद्धिजीवियों और नागरिकों से खचाखच भरे सभागार को राजनीति विज्ञानी प्रो. अचिन विनायक, जानी मानी अर्थशास्त्री उत्सा पटनायक, प्रसिद्ध पत्रकार उर्मिलेश तथा भाकपा ( माले) के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने संबोधित किया.

Read More

सेक्युलर इंडिया से इतनी दिक़्क़त क्यों है ?

डर या लालच के मारे किसी राजनैतिक दल का पिछलग्गू हो जाना या सरकारी भोंपा बन जाना तो समझ आता है, लेकिन क्या अब भारतीय मीडिया के इस धड़े का संपादकीय नागपुर में लिखा जा रहा है.

Read More