भारत बंद और उसके बाद दलितों पर हो रहे हमलों के खिलाफ भाकपा माले का राज्य के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन

  • 12
    Shares

दलितों पर दमन और उत्पीड़न के विरोध में भाकपा(माले) का लखनऊ में अम्बेडकर प्रतिमा पर एक दिवसीय उपवास

लखनऊ, अप्रैल। दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान व बाद में दलितों पर दमन के विरोध में आज भाकपा (माले) के राज्यव्यापी आवाहन पर लखनऊ, इलाहबाद, चंदौली में पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन, भूख हड़ताल, उपवास कर प्रतिवाद दर्ज कराया.

लखनऊ में उपवास

लखनऊ में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज स्थित अम्बेडकर प्रतिमा पर दिवसीय उपवास किया।

पार्टी के जिला प्रभारी का0 रमेंश सिंह सेंगर के नेतृत्व में राजीव गुप्त, शकील कुरैशी,  शिवा रजवार , अतुल उपाध्याय, रामसेवक रावत, रमेंश शर्मा,  अनिल कुमार उपवास पर बैठे। इस अवसर पर सभा को सम्बोधित करते हुए कामरेड सेंगर ने कहा कि 2 अप्रैल को एस सी/एस टी कानून में बदलाव के खिलाफ भारत बंद में दलितों का भारी तादाद में सड़कों पर उतरने से भाजपा और संघ परिवार की चूलें हिल गई हैं जिसे दबाने के लिए बंद के दौरान आर एस एस के गुण्डों और पुलिस ने आन्दोलन कारियों की न सिर्फ पिटाई की बल्कि उनको पुलिस हिरासत में बुरी तरह मारा गया। ग्वालियर-मुरैना-इन्दौर में दलित युवाओं को संघी गुण्डों ने मौत के घाट उतार दिया। हत्यारों के विरुद्ध कार्यवाही करने की बजाय मोदी-योगी की सरकार ने ऐसा माहौल बनाया जैसे दलित आतंकवादी हों और सरकार के मुखिया यह ऐलान करने लगे कि आन्दोलनकारी दलितों को सबक सिखाया जाएगा।तब से दलित युवाओं की फर्जी मुकद्मों में गिरफ्तारी और रासुका लगाने की घोषणाएं हो रही हैं और दलितों को आतंकवादी घोषित करने की कवायद चल रही है।

उन्होंने कहा कि पिछले दिनों करणी सेना पर कार्यवाही करने में जहां इस सरकार की सांस फूल रही थी वही दलितों पर दमन करने में बहादुरी दिखा रही है। माले नेता ने कहा कि इस तरह की मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि दलितों की गिरफ्तारियों पर रोक लगाई जाए और उनपर कायम फर्जी मुकदमों को  वापस लिए जाय। बंदी के दौरान हमला करने वालों और हत्यारों को जेल भेजा जाए। एस सी/एस टी कानून में बदलाव वापस लिया जाए तथा दलितों, अल्पसंख्यकों , कमजोर तबकों पर हमलों पर रोक लगाई जाए।

इस अवसर परराज्य पुलिस कर्मचारी परिषद के प्रदेश अध्यक्ष  अजय सिंह ने धरना स्थल पर आकर एकजुटता व्यक्त की। धरना/उपवास में का0अशोक रावत ,धरनीधर, जगतराम, डोरीलाल सूरज ,लीलावती समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

इलाहाबाद में भूख हड़ताल

 

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिनवादी (भाकपा माले ) ने  दलितों अल्पसंख्यकों पर बढ़ रहे हमले व दमन के खिलाफ राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन भूख हड़ताल के तहत आज  इलाहाबाद में गांधी प्रतिमा बालसन चौराहे पर एक दिवसीय भूख हड़ताल की

भूख हड़ताल में भाकपा माले के सेंट्रल कमेटी मेंबर कामरेड रामजी राय, सुनील मौर्य, के के पांडे, डॉक्टर कमल उसरी, एससी बहादुर, देवानंद, शक्ति रजवार, शैलेश पासवान, शाहबाज, मीना राय, मलिक प्रदीप कुमार, अलिक मौर्य, सृजन सुनील भारती, अजय सरोज, राजन पांडे शामिल रहे.

सभा के दौरान राज्य कमेटी सदस्य सुनील मौर्य कहा कि 14 अप्रैल बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जयंती से 1 मई तक संविधान बचाओ लोकतंत्र बचाओ देश बचाओ अभियान भाकपा माले चलाएगी. उन्होंने सभी लोकतंत्र पसंद नागरिकों को इसमें शामिल होने की अपील की ।

चंदौली में भाकपा माले का मार्च

2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान आंदोलनकारियों पर हमले में मारे गए दलितों पर हमला करने वालों के ख़िलाफ़ कार्यवाही करने, आंदोलनकारियों के ऊपर लादे जा रहे फर्जी मुकदमों को वापस लेने व गिरफ्तारी पर रोक लगाने, पुनर्विचार याचिका का नाटक बन्द करने, एस सी एस टी ऐक्ट कानून को पहले की तरह बहाल करने के लिए संसद में अध्यादेश लाने व दलितों,अल्पसंख्यकों, पिछड़ों व समाज के कमजोर वर्गों के ऊपर उत्पीड़न तथा दमन की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग को लेकर भाकपा माले के आह्वान पर चंदौली जिला मुख्यालय पर मार्च कर पत्रक सौंपा गया । इसी मुद्दे को केंद्रित करके 7 अप्रैल को बनारस में भी प्रदर्शन किया गया ।

Related posts

Leave a Comment