बलिया में दलित महिला को जलाने के खिलाफ प्रदर्शन

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मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी तक जारी रहेगा आंदोलन

वाराणसी. बलिया में सूदखोर दबंगों द्वारा जलायी गई दलित महिला के मुद्दे पर मंगलवार 13 मार्च को कचहरी स्थित अंबेडकर पार्क पर सभा हुई और प्रतिवाद मार्च निकाला गया।

सभा को संबोधित करते हुए भाकपा-माले नेता मनीष शर्मा ने कहा कि जब से योगी सरकार सत्ता में आई है, सवर्ण-सामंती ताकतों के हौसले बुलंद है। सिर्फ मुस्लिमों के खिलाफ ही नहीं दलितों के खिलाफ भी अपराध करने के नए-नए तरीके खोजे जा रहे हैं। दलित उत्पीड़न अधिकनियम के तहत दर्ज होने वाले मुकदमों को विवेचना के नाम पर खारिज कर दिया जाता है। इस कारण भी अपराधियों के हौसले बुलंद है।

इंसाफ मंच के संयोजक अमान अख्तर ने कहा कि बसपा की तरह की दलित-हितों की जुगाली करने वाली सरकारी विपक्षी पार्टियों की चुप्पी अखरने वाली है। यह चौतरफा व्याप्त चुप्पी का ही नतीजा है कि मुख्य अभियुक्त की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. मो. आरिफ ने कहा कि एक तरफ जहाँ पूरी दुनिया में सीरिया में शांति-बहाली की कोशिश हो रही है वहीं हमारे यहाँ श्री श्री रविशंकर भारत को ही सारिया बनाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत में अगर कानून का राज होता तो रविशंकर जेल में होते।

मो. आरिफ़

इस मौके पर मीरा देवी, अमरावती देवी, दीनानाथ भास्कर, दिलशाद, मो. आरिफ, विनोद, रमेशचंद्र राय, अमरनाथ राजभर, मो. अकील, सरताज अहमद, आबिद शेख, फजलुर्रहमान, बबलू, आलम, दिलशाद, श्याम बहादुर, साजिद, अपर्णा श्रीवास्तव, उषा देवी, अनीता देवी, चंद्रिका आदि मौजूद थे।

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